US-Israel-Iran-War के बीच दुनिया के देशों को मिली गुड न्यूज, कच्चे तेल की कीमतों में बड़े उलटफेर से हड़कंप; जानें सबकुछ

US-Israel-Iran-War

फाइल फोटो

US-Israel-Iran-War: मीडिल ईस्ट में जारी जंग दुनिया कई देशों के लिए चिंता का विषय बना हुआ है। युद्ध के बीच कच्चे तेल की कीमतों में उढ़ाव चढ़ाव देखने को मिल रहा है। साथ ही अमेरिका के राष्ट्रपति एक बार फिर सुर्खियों में बने हुए है। बीते दिन ट्रंप ने कहा था कि US-Israel-Iran-War जल्द खत्म हो सकता है। इसके तुरंत बाद ही कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट दर्ज की गई है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक मंगलवार को सुबह सवा 8 बजे के करीब अमेरिका का मुख्य तेल बेंचमार्क वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट (WTI Crude Oil) 8.63 प्रतिशत की जोरदार गिरावट के 86.59 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया है, जबकि ब्रेंट क्रूड 9.11 प्रतिशत सस्ता होकर 89.94 डॉलर प्रति बैरल हो गया। जो भारत समेत कई देशों के लिए एक गुड न्यूज जैसा है। हालांकि अभी भी युद्ध लगातार जारी है। चलिए आपको बताते है इससे जुड़ी सभी अहम जानकारी।

कच्चे तेल की कीमतों में बड़ा उलटफेर

हाल ही में कच्चे तेल की कीमतों में भारी उतार-चढ़ाव देखा गया है। पहले कीमतें बहुत तेजी से बढ़ीं और फिर अचानक गिरावट आई। इसके पीछे मुख्य कारण मध्य-पूर्व में युद्ध और राजनीतिक बयान हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बयान के बाद कि मीडिल ईस्ट का युद्ध जल्द खत्म हो सकता है, बाजार में डर कम हुआ और तेल की कीमतें तेजी से गिर गईं। हालांकि ट्रंप कभी भी अपना बयान बदल देते है। अमेरिका द्वारा रणनीतिक तेल भंडार जारी करने या रूस पर कुछ प्रतिबंध ढीले करने की संभावना भी कीमतों को नीचे लाने का कारण बनी। जिसके बाद सवाल यह उठ रहा है कि भारत इसे कैसे देख रहा है।

कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट से भारत पर क्या पड़ेगा असर?

कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट से भारत में पेट्रोल-डीजल की कीमतों पर असर पड़ता है। बता दें कि भारत अपनी 85% से ज्यादा तेल जरूरत आयात से पूरी करता है, इसलिए अंतरराष्ट्रीय कच्चे तेल की कीमतों का सीधा असर पड़ता है। माना जा रहा है कि अगर कच्चे तेल की कीमतों में कमी आती है तो पेट्रोल-डीजल के दामों में कमी आ सकती है। इसके साथ ही सरकार या तेल कंपनियां कीमत घटा सकती है। वहीं अगर इसके असर की बात करें तो इसका असर कुछ हफ्ते या महीनों में हो सकता है। हालांकि अगर युद्ध लंबा खीचता है, तो कच्चे तेल की कीमतों में उछाल देखने को मिल सकता है।

US-Israel-Iran-War से मची भयंकर तबाही

अमेरिका-इज़राइल और ईरान के बीच चल रहा युद्ध मध्य-पूर्व में बड़ी तबाही लेकर आया है। 28 फरवरी 2026 से शुरू हुई इस लड़ाई में भारी बमबारी, मिसाइल हमले और बड़े पैमाने पर नुकसान की खबरें आ रही हैं। ईरान के अनुसार 1200 से ज्यादा लोग मारे जा चुके हैं, जिनमें कई नागरिक भी शामिल हैं। हालांकि जवाबी कार्रवाई में ईरान करारा जवाब दे रहा है। इस युद्ध से भारत समेत कई देशों की चिंता बढ़ गई है। एलपीजी सिलेंडर के दामों में बढ़ोतरी हुई है। अगर युद्ध ऐसे की चलता है तो आने वाले दिनों में लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है।

 

 

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