Alireza Tangsiri: पश्चिम एशिया में छिड़े संघर्ष के बीच एक बड़े घटनाक्रम से जुड़ी खबर आ रही है। इजरायमी मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक आईडीएफ ने इरानी नौसेना के कमांडर अलीरेजा तंगसिरी को मार गिराया है। आईडीएफ के इस दावे ने पूरी दुनिया में सनसनी मची है।
अलीरेजा तंगसिरी वो शख्स थे जिन्होंने ईरान पर इजरायल और अमेरिका के हमलों के बाद स्ट्रेट ऑफ होर्मुज ब्लॉक करने का प्लान बनाया था। स्ट्रेट ऑफ होर्मुज ब्लॉक करने वाले ईरानी नौसेना के कमांडर की मौत से जुड़े दावे ने तेहरान को बैकफुट पर धकेल दिया है। क्या अब यूएस-इजरायल-ईरान वॉर के बीच पासा पलट सकता है? ऐसे सवाल तेजी से उठ रहे हैं।
इजरायली हमलों में Alireza Tangsiri की मौत का दावा!
टाइम्स ऑफ इजरायल की एक रिपोर्ट पूरे दुनिया में सनसनी मचा रही है जिसमें अलीरेजा तंगसिरी की मौत का दावा किया गया है। रिपोर्ट के मुताबिक इजरायली और अमेरिकी वायु सेना के संयुक्त हमले में अलीरेजा तंगसिरी बंदर अब्बास के तटीय इलाके में मारे गए हैं। यदि ये खबर सच है तो ईरान के लिए बहुत बड़ा झटका है।
आईआरजीसी नौसेना कमांडर अलीरेजा तंगसिरी ईरान के प्रमुख रणनीतिकारों में से एक थे। अलीरेजा ने ही यूएस-इजरायल-ईरान वॉर के दौरान स्ट्रेट ऑफ होर्मुज बंद करने का प्लान पेश किया था। सुप्रीम लीडर आयातुल्ला अली खामेनेई की मौत के बाद तंगसिरी प्रतिद्वंदियों पर हमला की रणनीति बनाने वालों में अहम थे।
तंगसिरी की रणनीतियों के कारण ही दुनिया में कच्चे तेल और एलपीजी किल्लत को लेकर हाहाकार देखने को मिली। स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पर ईरानी नाकेबंदी के कारण ऊर्जा की शिपिंग में 95 फीसदी की गिरावट आई है। ये दर्शाता है कि कैसे अलीरेजा तंगसिरी ने दुनिया को प्रभावित किया था। हालांकि, अब उनकी मौत से जुड़ी अपुष्ट खबरें सामने आई हैं जिसे ईरान के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है।
क्या ईरानी कमांडर की मौत से पलट जाएगा पासा?
इस सवाल का जवाब अभी भविष्य के गर्भ में है। दरअसल, अमेरिका और इजरायल के संयुक्त हमलों के बाद भी ईरान मजबूती से खड़ा था। ईरान के कई प्रमुख शहर भले ही बर्बाद हो चुके हैं, लेकिन ईरानी सेना झुकने को तैयार नहीं है। आयातुल्ला अली खामेनेई की मौत के बाद भी ईरान पूरी तत्परता से अमेरिका और इजरायल के खिलाफ हमले कर रहा है।
हालांकि, अब उसके एक प्रमुख रणनीतिकार अलीरेजा तंजसिरी की मौत से जुड़े दावे ने हुकूमत को बैकफुट पर धकेल दिया है। सुप्रीम लीडर की मौत के बाद तंगसिरी की देखरेख में ही ईरान युद्ध लड़ रहा था। ऐसे में उनकी मौत मुल्क को प्रभावित कर सकती है। हालांकि, क्या पासा पलट जाएगा और ईरान जंग-ए-मैदान छोड़ेगा इस पर संशय अभी बरकरार है।
