US-Israel-Iran War: युद्ध पश्चिम एशिया में छिड़ा है और बर्बादी की राह पर पाकिस्तान अग्रसर है। ईरान पर अमेरिकी और इजरायली हमलों का दंश पाकिस्तानी हुकूमत झेल रही है। हालिया आंकड़े इन दावों की पुष्टि करते हैं। यूएस-इजरायल-ईरान वॉर के बीच पाकिस्तान में उपजी फ्यूल क्राइसिस ने महंगाई को धार दी है।
इसके साथ ही अफगानिस्तान की हुकूमत की ओर से हमलों के दौर ने पाकिस्तान की कमर तोड़ दी है। आलम ये है कि पीएम शहबाज शरीफ के सिर कर्ज का बोझ बढ़ता जा रहा है। पहले ही कंगाली की मार झेल रहे पाकिस्तान की मुश्किलें और बढ़ रही हैं। यही वजह है कि पड़ोसी मुल्क में अंदरखाने विद्रोह के सुर उठने की आशंका भी तेज हो रही है।
पाकिस्तानी इकोनॉमी पर US-Israel-Iran War के बीच गहराया संकट!
ईरान पर जारी अमेरिकी-इजरायली हमलों में खुफिया मंत्री इस्माइल खातिब के मौत का दावा भी सामने आया है। ये दर्शाता है कि कैसे दोनों मुल्क मिलकर ईरान को बर्बादी की राह पर ले जा रहे हैं। हालांकि, इसके साथ ही पाकिस्तान की इकोनॉमी पर भी संकट के बादल मंडराए हैं। यूएस-इजरायल-ईरान वॉर के बीच पाकिस्तान में फ्यूल क्राइसिस की स्थिति ने महंगाई को सातवें आसमान पर पहुंचा दिया है।
पड़ोसी मुल्क में लोग दो वक्त की रोटी के लिए जद्दोजहद़ कर रहे हैं। प्राप्त आंकड़ों की मानें तो जनवरी 2026 तक पाकिस्तान पर कर्ज का बोझ 79322 अरब पाकिस्तानी रुपए पहुंच गया है। स्टेट बैंक ऑफ पाकिस्तान लगातार मुल्क की बदहाल स्थिति की ओर इशारा कर रहा है। पाकिस्तान आईएमएफ का भी सबसे बड़ा कर्जदार है जो वैश्विक स्तर पर इकोनॉमी पर गहराते संकट का सूचक है।
फ्यूल क्राइसिस के साथ अफगानी हमलों ने बढ़ाई पीएम शहबाज की मुश्किलें!
काबुल और इस्लामाबाद के बीच जारी संघर्ष में पाकिस्तान को आर्थिक तौर पर तगड़ी चोट पहुंची है। काबुल ने बीते दिनों मुल्क के कई हिस्सों में ड्रोन अटैक किए थे। इसके बदले मुनीर सेना ने भी अफगानिस्तान में तबाही मचाई जिसमें सैकड़ों की संख्या में आम लोग मारे गए हैं। इसको लेकर पाकिस्तान की फजीहत दुनिया भर में हो रही है।
वैश्विक मंच पर आलोचना झेल रहे पाकिस्तान में फ्यूल क्राइसिस भी है। यूएस-इजरायल-ईरान वॉर के बीच पाकिस्तान तेल की कमियों से जूझ रहा है। महंगाई सातवां आसमान छू रही है। खाने-पीने की वस्तुओं की कीमत आम आदमी की पहुंच से बाहर हैं। इन सारे समीकरण ने पीएम शहबाज की मुश्किलें बढ़ा दी हैं और उनके सिर कर्ज का बोझ बढ़ता नजर आ रहा है।






