US-Israel-Iran War: आतंकिस्तान में शांति वार्ता! क्या PM शहबाज की पहल पर अमल करेगा ईरान? ट्रंप की सहमति के बाद मोजतबा खामेनेई पर नजरें

US-Israel-Iran War के बीच पाकिस्तानी पीएम शहबाज शरीफ ने शांति वार्ता का प्रस्ताव पेश किया है। पीएम शहबाज ने आतंकिस्तान में वार्ता के लिए ईरान और अमेरिका को आमंत्रित किया है जिसको लेकर खूब सुर्खियां बन रही हैं।

US-Israel-Iran War

Picture Credit: गूगल (सांकेतिक तस्वीर)

US-Israel-Iran War: कंगाली की मार झेल रहा पड़ोसी मुल्क पश्चिम एशिया में छिड़े संघर्ष से टूट चुका है। आलम ये है कि पीएम शहबाज शरीफ के साथ आसिम मुनीर, इशाक डार तक अमेरिका की जी-हुजूरी में लगे हैं। यूएस-इजरायल-ईरान के बीच पीएम शहबाज ने इस्लामाबाद में शांति वार्ता का प्रस्ताव भी पेश कर दिया है।

शांति वार्ता वहीं होने की बात कही जा रही है जो भूमि आतंकवादियों को सींचने और उन्हें प्रशिक्षित करने के लिए कुख्यात है। यही वजह है कि आतंकिस्तान का प्रस्ताव गले से नीचे नहीं उतर रहा। हालांकि, बावजूद इसके प्रेसिडेंट डोनाल्ड ट्रंप ने पाकिस्तान के प्रस्ताव पर मौन सहमति दी है। अब सबकी नजरें ईरान के नए सुप्रीम लीडर मोजतबा खामेनेई पर टिकीं हैं।

क्या US-Israel-Iran War के बीच पीएम शहबाज की पहल पर अमल करेगा तेहरान?

पाकिस्तानी प्रधानमंत्री ने अपनी सरजमी को शांति वार्ता के लिए स्थान के रूप में सुझाया है।

शहबाज शरीफ के एक्स हैंडल से पोस्ट जारी कर लिखा गया है कि “पाकिस्तान मध्य पूर्व में जारी युद्ध को समाप्त करने के लिए चल रहे संवाद प्रयासों का स्वागत करता है और उनका पूर्ण समर्थन करता है, जो क्षेत्र और उससे परे शांति और स्थिरता के हित में हैं। अमेरिका और ईरान की सहमति से, पाकिस्तान इस संघर्ष के व्यापक समाधान के लिए सार्थक और निर्णायक वार्ता की मेजबानी करने के लिए तैयार और सम्मानित है।”

पीएम शहबाज शरीफ के इस पोस्ट को डोनाल्ड ट्रंप ने साझा कर अपनी मौन सहमति दे दी है। हालांकि, आतंकिस्तान की धरती पर शांति वार्ता की पहल किसी को पच नहीं रही है। अभी हाल ही में पाकिस्तान को ग्लोबल टरर इंडेक्स में पहला स्थान भी मिल है। ईरानी हुकूमत ने इस शांति वार्ता पर कोई प्रतिक्रिया देने से इंकार कर दिया है। यही वजह है कि नजरें अब नए ईरानी सुप्रीम लीडर मोजतबा खामेनेई पर टिकीं हैं। मोजतबा खामेनेई क्या पाकिस्तान की पहल पर अमल करते हैं, ये देखना बेहद दिलचस्प होगा।

पश्चिम एशिया में छिड़े संघर्ष ने तोड़ी पाकिस्तान की रीढ़!

भारत का पड़ोसी मुल्क पाकिस्तान पश्चिम एशिया में छिड़े संघर्ष के बाद बुरी तरह से प्रभावित है। पाकिस्तान में ईंधन संकट के साथ आर्थिक बदहाली का संकट गहरा गया है। हुकूमत ने इसको ध्यान में रखते हुए पेट्रोल-डीजल के साथ उच्च ऑक्टेन ईंधन की कीमतों में भी जबरदस्त बढ़ोतरी की है। मुल्क में लोग दो वक्त की रोटी के लिए जद्दोजहद़ करते नजर आ रहे हैं। तमाम ऐसे प्रतिबंध लागू किए गए हैं जो पाकिस्तान की बदहाल स्थिति के सूचकांक हैं।

यूएस-इजरायल-ईरान वॉर के कारण पाकिस्तान की रीढ़ टूट गई है। दूसरी ओर तालिबान से जारी संघर्ष ने भी इस्लामाबाद को कमजोर किया है। ये सारे समीकरण पाकिस्तान के लिए काल साबित हो रहे हैं। यही वजह है कि पीएम शहबाज आनन-फानन में मध्यस्थता की गुहार लगाते हुए अमेरिका की शरण में भागे हैं। हालांकि, अब देखना दिलचस्प होगा कि उनकी पहल का क्या असर होता है।

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