US-Israel-Iran War: अमेरिका-इजराइल-ईरान युद्ध को 25 दिन गुजर चुके हैं। मगर अभी भी जंग खत्म होने की संभावना नहीं लग रही है। इस महालड़ाई की वजह से सिर्फ अरब देशों में नहीं, बल्कि भारत समेत दुनियाभर के कई देशों में हाहाकार मचा हुआ है। दरअसल, आज भी लगभग पूरी दुनिया कच्चे तेल पर निर्भर है। ऐसे में इस महायुद्ध और ईरान द्वारा बंद किए गए ‘स्ट्रेट ऑफ होर्मुज’ की वजह से कच्चे तेल की कीमतों को आसमान पर पहुंचा दिया है। ऐसे में भारत में भी तेल की किल्लत का असर पड़ना शुरू हो गया है। अब सवाल यह है कि क्या पश्चिम एशिया का एनर्जी संकट दुनियाभर में फिर से कोविड जैसा लॉकडाउन लगवाएगा?
US-Israel-Iran War के बीच आईईए ने जारी की चेतावनी
आईईए यानी इंटरनेशनल एनर्जी एजेंसी ने मौजूदा हालात को “दशकों में शायद सबसे गंभीर ऊर्जा संकट” बताया है। अमेरिका-इजराइल-ईरान युद्ध की वजह से दुनिया को हर दिन करीब 11 मिलियन बैरल तेल का नुकसान हो रहा है। यह नुकसान 1970 के दशक के तेल संकटों के दौरान हुई रुकावटों से कहीं अधि है, जब हर संकट में करीब 5 मिलियन बैरल का नुकसान होता था।
अमेरिका-इजराइल-ईरान युद्ध से कई देशों ने अपनाया सेविंग मोड
‘स्ट्रेट ऑफ होर्मुज’ बंद होने के बाद आईईए ने देशों को चेतावनी दी है। ऐसे में एनर्जी संकट से बचने के लिए अलग-अलग देश अपनी खास रणनीति पर कार्य कर रहे हैं। एशियाई देशों में से, फिलीपींस ने मौजूदा ऊर्जा संकट से निपटने के लिए कुछ सबसे मजबूत और व्यवस्थित कदम उठाए हैं। उसने आधिकारिक तौर पर राष्ट्रीय ऊर्जा आपातकाल घोषित कर दिया है, और राष्ट्रपति फर्डिनेंड मार्कोस जूनियर ने देश की ईंधन आपूर्ति पर चेतावनी दी है। इसके अलावा, श्रीलंका, वियतनाम, बांग्लादेश, फिलिस्तीन और पाकिस्तान जैसे देशों ने एनर्जी संकट को देखते हुए सेविंग मोड ऑन कर दिया है। साथ ही गैसों और तेल को भविष्य के लिए सुरक्षित रखा जा रहा है। यही वजह है कई देशों ने अपनी व्यवस्था में बड़े बदलाव किए हैं।
‘स्ट्रेट ऑफ होर्मुज’ बंद करके ईरान ने बिगाड़ दी भारत की स्थिति?
मालूम हो कि ईरान ने अपने हालिया बयानों में कहा है कि ‘स्ट्रेट ऑफ होर्मुज’ सभी जहाजों के लिए बंद नहीं है। यह समुद्री रास्ता प्रमुख तौर पर अमेरिका और इजरायल के अलावा, उनके मित्र देशों के लिए बंद है। हालांकि, इसके बाद भी भारत के लगभग 20 जहाज इस महत्वपूर्ण रास्ते में फंसे हुए हैं। कई मीडिया रिपोर्ट्स में बताया जा रहा है कि ईरान ने भारत के कुछ खास कदम उठाए हैं, ताकि भारत में तेल संकट को बढ़ने से रोका जा सके। पिछले दिनों ईरान और भारतीय अधिकारियों के आपसी प्रयासों के जरिए 4 गैस से भरे हुए जहाज ‘स्ट्रेट ऑफ होर्मुज’ से आसानी से निकल गए और भारत के तटों पर पहुंच गए और यह कार्य अभी भी जारी है।
