US Visa: अमेरिका में जाकर नौकरी, पढ़ाई और रहने का सपना लगभग दुनिया की आधी से ज्यादा आबादी देखती है। लेकिन पिछले कुछ दिनों से अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की तरफ से कुछ नए नियमों को लागू कर दिया गया है। जिसकी वजह से HB1 और B2 वीज़ा मिलना मुश्किल हो गया है। जो लोग यूएस घूमने, बिजनेस और पढ़ाई के लिए जाता है। उन्हें एच-1बी वीजा या एच-1बी 2 वीजा लेना पड़ता है। लेकिन अब ट्रंप सरकार ने H-1B वीजा का शुल्क बढ़ा दिया है। जिसके लिए हर साल एक लाख डॉलर यानी की 88 लाख के आस-पास रुपए देने होंगे। H-1B वीजा नियम बदलने से भारतीयों के लिए अमेरिका की राह मुश्किल हो गई है। अगर आपको भी लगता है कि, अमेरिका जाना मुश्किल है को O-1 वीजा आपके काम का साबित हो सकता है।
US Visa का O-1 वीजा क्या है?
O-1 वीज़ा सिर्फ उन लोगों को मिलता है जिन लोगों के पास असाधारण प्रतिभा होती है। जो व्यक्ति विज्ञान, शिक्षा, बिजनेस या फिर मनोरंजन जगत में अपनी प्रतिभा के दम पर राष्ट्रीय या अंतरराष्ट्रीय स्तर की मान्यता पा चुके हैं। उन लोगों को ये दिया जाता है।मोस्ट टेलेंटेड प्रोफेशनल लोगों के लिए ओ-1 वीजा बनाया गया है। जिसमें बहुत ही कम शुल्क में अमेरिका पहुंचा जा सकता है।
O-1 वीज़ा कितने तरह के होते हैं?
O-1 वीज़ा दो तरह के होते हैं। O-1A वीजा साइंस , एजुकेशन, बिजनेस और स्पोर्ट्स के लोगों के लिए है। वहीं, O-1B वीजा कला और फिल्मी जगत की बेहद फेमस हस्तियों के लिए है। लेकिन O-1 वीज़ा पाने के लिए खुद को साबित करना होता है। इसके लिए राष्ट्रीय या अंतर्राष्ट्रीय स्तर के अवॉर्ड का प्रूफ दिखाना होता है। न्यूयॉर्क टाइम्स, टाइम मैगज़ीन में छपने का प्रूफ, किसी बड़ी जगह काम करने का प्रूफ दिखाना होता है। जिसके बाद अमेरिका का ये खास वीजा मिल जाता है।
O-1 वीज़ा कैसे बनता है?
O-1 वीज़ा के लिए अमेरिका एजेंट की जरुरत पड़ती है। जो कि, USCIS में I-129 फॉर्म को भरता है। इसके लिए अपने क्षेत्र में किए गए कामों के अंतरराष्ट्रीय या राष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त डॉक्यूमेंटे/अवॉर्ड का प्रूफ देना होता है। जब USCIS द्वारा एपलिकेशन को ले लिया जाता है तो आप अपने देश में अमेरिकी दूतावास या वाणिज्य दूतावास में जाकर आवेदन कर सकते हैं। ये वीजा 3 साल तक दिया जा सकता है। इसके साथ ही इसे बनने में 2 से 3 महीने का समय लग सकता है।
O-1 वीज़ा बनाने में कितने का खर्चा आता है?
O-1 वीज़ा बनाने में 10 लाख से लेकर 30 लाख तक लग सकते हैं। इसमें आवेदक को
USCIS फाइलिंग फीस, कंसुलर प्रोसेसिंग फीस,प्रीमियम प्रोसेसिंग, वकील की फीस और फ्रॉड प्रिवेंशन के लिए फीस चुकानी पड़ती है।
