Kanpur Viral Video: कहते हैं एक मां और बेटी सबसे पहले बेस्ट फ्रेंड होती हैं। उन दोनों का रिश्ता काफी खास होता है और वे एक दूसरे की खुशी के लिए कुछ भी करने को तैयार होते हैं लेकिन यह रिश्ता बदल गया है। दरअसल एक मां अपनी ही बेटी के घर को तोड़ने वाली बनी। दामाद को लेकर कुछ इस कदर प्यार हावी हुआ कि एक मां अपनी बेटी की सौतन बन गई। इस कानपुर वायरल वीडियो की अधिकारिकता कि हम कोई पुष्टि नहीं करते हैं लेकिन रिपोर्ट की बात करें तो कहा जा रहा है कि दामाद से प्यार हुआ तो एक मां कोर्ट मैरिज तक कर गई। आइए जानते हैं पूरी खबर डिटेल्स में।
सास और दामाद की प्रेम कहानी ने लोगों को दिया झटका
उत्तर प्रदेश के कानपुर से एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है. अकबरपुर क्षेत्र में एक सास और दामाद ने कोर्ट मैरिज की… जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है. #UttarPradesh|#Kanpur | #ViralVideo | #AajTakSocial | #ATReel pic.twitter.com/u1YFkLCDqz
— AajTak (@aajtak) June 7, 2026
कानपुर वायरल वीडियो की बात करें तो इसे आज तक के x से शेयर किया जा रहा है जो अलग-अलग प्लेटफार्म पर चर्चा में है। इसके साथ ही बताया गया कि उत्तर प्रदेश के कानपुर से एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है जहां अकबरपुर क्षेत्र में एक सास और दामाद ने कोर्ट मैरिज की। वीडियो में देखा जा सकता है कि कैसे सास और दामाद शादी के कागजात को पकड़े हुए नजर आ रहे हैं और उन इस दौरान उनके गले में वरमाला दिखाई दे रहा है। दोनों के चेहरे पर एक भी शिकायत नहीं नजर आ रही है और वे साथ में काफी खुश दिखाई दे रहे हैं।
Kanpur Viral Video को लेकर इस तरह चटकारे ले रहे लोग
सास और दामाद इस कथित कानपुर वायरल वीडियो की हम कोई भी पुष्टि नहीं करते हैं लेकिन इसे 1 लाख 38000 से ज्यादा व्यूज मिल चुके हैं। जहां लोग इस पर टिप्पणी देने में पीछे नहीं हैं। जहां एक यूजर ने कहा, “इन दोनों ने रिश्तों को शर्मसार कर दिया। यह सब टीवी सीरियलों के परिणाम है।” एक ने लिखा शर्मनाक तो एक में लिखा कलयुग अपने पीक पर है। एक ने कहा प्यार की कोई उम्र नहीं होती तो एक ने लिखा कोर्ट को ऐसे अवैध संबंधों को मान्यता नहीं देनी चाहिए। वहीं एक ने कहा खतरनाक कलयुगी। बाकी यूजर्स भी इसे संस्कृति और समाज के खिलाफ बताते हुए सवाल उठा रहे हैं।
डिस्क्लेमर: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी सोशल मीडिया पर मौजूद वीडियो /पोस्ट पर आधारित है। डीएनपी इंडिया हिन्दी/लेखक किसी भी प्रकार के दावे और सत्यता की पुष्टि नहीं करता है।
