Kerala Viral Video: आपने वायरल होने के लिए तमाम तरह के दिमाग और जुगाड़ लगाते हुए लोगों को देखा होगा। लेकिन केरल की इस महिला ने जिस तरह से वायरल होकर अपनी बात मनवाने का तरीका आजमाया उसे देखने और जानने के बाद सोशल मीडिया यूजर्स का दिमाग झन्ना गया है। उन्हें बीच सड़क पर ट्रैफिक में बाधा डालकर नमाज पढ़ती महिला के दिमाग पर भरोसा नहीं हो रहा है। केरल की इस महिला ने जिस मंशा से ये काम किया है वो काफी हैरान करने वाला है।
केरल में महिला ने बीच सड़क पर क्यों पढ़ी नमाज?
इस केरल वायरल वीडियो को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म इंस्टाग्राम पर indiatvnews ने इंस्टाग्राम पर पोस्ट किया है। इसके साथ ही कैप्शन में लिखा है, ” केरल के पलक्कड़ में एक महिला सड़क पर ‘नमाज पढ़ती’ दिखी। इस महिला का कहना है कि उसके संपत्ति विवाद को लेकर कोई सुनवाई नहीं हो रही थी, इसीलिए उसने बीच सड़क पर बैठकर नमाज पढ़ी ताकि वो चर्चा में आ जाए और इसी बहाने संपत्ति विवाद को लेकर उसे इंसाफ मिले।” वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि, सफेद कलर का बुर्का पहनकर महिला बीच सड़क में नमाज को अदा कर रही है। आस-पास ट्रैफिक जाम लगा हुआ है।
View this post on Instagram
इसके साथ ही लोग उसे हैरानी से देख भी रहे हैं और हटाने की कोशिश भी कर रहे हैं। लेकिन वो किसी की नहीं सुन रही है। नमाज इबादतगाह या फिर घर में पढ़ी जाती है। लेकिन महिला बीच सड़क पर ये कर रही है। यही वजह है कि, वो इसका कारण जानना चाहते हैं। दरअसल , महिला के घर में प्रोपर्टी का विवाद चल रहा है। लेकिन ये सुलझ नहीं रहा है। जिसके बाद महिला ने इंसाफ पाने के लिए इस रास्ते को चुना ताकि वो विवाद के बाद खबरों में आए और उसका मामला सुलझ जाए। ये घटना पलक्कड़ के IMA जंक्शन की है।
Kerala Viral Video देख फूटा लोगों का गुस्सा
खबरों की मानें तो इस महिला को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। ये घटना बुधवार की दोपहर की है। जो कि, अब सोशल मीडिया पर आग की तरह फैल रही है। इस वीडियो को देखने के बाद यूजर्स की तरफ से तरह-करह की प्रतिक्रियाएं आ रही हैं। एक यूजर लिखता है, ‘इसको सड़क के साइड में जगह नहीं मिली ये पूरी पागल है।’ दूसरा लिखता है, ‘ये बकवास और दिखावा है ये मुस्लिमों को बदनाम करने में तुली हुई है।’ इस महिला की हरकत पर लोग कड़ी कार्रवाई करने की मांग कर रहे हैं।
डिस्क्लेमर: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी सोशल मीडिया पर मौजूद वीडियो /पोस्ट पर आधारित है। डीएनपी इंडिया हिन्दी/लेखक किसी भी प्रकार के दावे और सत्यता की पुष्टि नहीं करता है।





