MP Viral Video: सांस के लिए तड़प रहे 21 साल के बेटे ने माता-पिता की बाहों में तोड़ा दम! आंखों के सामने बुझा चिराग, लोगों को झकझोर रहा यह बेबसी का आलम

MP Viral Video: ऑक्सीजन की कमी की वजह से एक बेटा अपनी जान गंवा दिया। सोशल मीडिया पर इस भयानक घटना ने हर किसी को झकझोर कर रख दिया है। आइए जानते हैं क्या है पूरा मामला जिस पर लोग दुख व्यक्त करते हुए नजर आ रहे हैं।

MP Viral Video

Photo Credit- Google MP Viral Video

MP Viral Video: जब एक पिता अपने बच्चों को उंगली पकड़कर चलना सिखाते हैं तब वह सिर्फ यही सोचता है कि काश वह इसे अपनी जिंदगी से कभी दूर न होने दे। एक वायरल वीडियो ने हर किसी को झकझोर कर रख दिया है जहां सांस की कमी की वजह से एक बेटा तड़पता हुआ मर जाता है और उसके लाचार माता-पिता कुछ नहीं कर पाते हैं। सरकारी एंबुलेंस में ऑक्सीजन खत्म होने की वजह से एक माता-पिता के बच्चे ने जिस तरह से उसके आंखों के सामने दम तोड़ दिया यह दुख शब्दों से परे है। देखें वायरल वीडियो में क्या हुआ।

वायरल वीडियो में माता पिता का टूटा सहारा

एमपी वायरल वीडियो ने हर किसी के आत्मा को जब छोड़ दिया है जहां इसे x चैनल से शेयर किए गए वीडियो के साथ बताया गया कि “सरकारी एंबुलेंस में ऑक्सीजन खत्म होने से बेटे ने मां-बाप की गोद में दम तोड़ दिया। एक मां-बाप के लिए इससे दुखद और क्या होगा।” वहीं इस वीडियो पर लोग जमकर कमेंट कर रहे हैं। जहां एक यूजर निकला हैरान करने वाली बात है यह घटना वाकई दिल दहला देने वाला है। एक यूजर ने कहा यह बहुत शर्मनाक है कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए। एक ने कहा इस दुख की कल्पना भी नहीं की जा सकती है। ऑक्सीजन खत्म नहीं हुई इंसानियत और जिम्मेदारी खत्म हो गई।

MP Viral Video को लेकर जानें पिता का दर्द

इस मध्य प्रदेश वायरल  वीडियो ने हर किसी को झकझोर कर रख दिया है जहां मीडिया के साथ बातचीत करते हुए कहता है आज मेरा बेटा तड़पते तड़पते एक सांस की वजह से हमें छोड़ दिया। आज अगर ऑक्सीजन मिल जाता तो मेरा बेटा कभी नहीं मरता। वहीं पिता ने रोते हुए यह भी बताया कि एंबुलेंस बुलाने के बाद 1 घंटे तक उन्हें इंतजार करना पड़ा। 21 साल के लड़के का इस तरह दुनिया से जाना एक माता-पिता के लिए किसी से झटके से कम नहीं है जो वह जिंदगी भर नहीं भूल सकेंगे।

डिस्क्लेमर: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी सोशल मीडिया पर मौजूद वीडियो /पोस्ट पर आधारित है। डीएनपी इंडिया हिन्दी/लेखक किसी भी प्रकार के दावे और सत्यता की पुष्टि नहीं करता है।

 

 

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