Mumbai Viral Video: रमजान का त्यौहार चल रहा है और ऐसे में रोजा रखने का एक रिवाज है। वहीं इस सबके बीच सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हो रहा है जो कथित तौर पर मुंबई का बताया जा रहा है। जहां एक रिक्शा ड्राइवर ने अपनी दरियादिली एक महिला के लिए कुछ इस कदर दिखाया कि उसकी नेकदिली की तारीफ करते हुए नहीं थक रहे हैं। रमजान के दौरान एक हिंद रिक्शा चालक ने मुस्लिम महिला के साथ जो किया उसकी जितनी तारीफ की जाए वह कम है। सोशल मीडिया पर मुंबई वायरल वीडियो को देखकर लोग तारीफ किए बिना नहीं रुक रहे हैं।
मुंबई वायरल वीडियो में देखें महिला ने कैसे दी रिक्शा चालक को सलामती
मुंबई के रिक्शा ड्राइवर रोहन कांबले की रिक्शा में एक रोज़ेदार मुस्लिम महिला बैठीं। जब रोहन को पता चला कि वह रोज़ा रखे हुए हैं, तो उन्होंने उनसे किराया लेने से मना कर दिया। मुस्कुराते हुए रोहन ने कहा, “ऐसे ही ऊपर वाले की दुआ लो और ज़िंदगी में खुश रहो।” ऐसे दृश्य दिल को छू लेते हैं… pic.twitter.com/zKHLkZcAdn
— Ilyas (@Ilyas_SK_31) February 28, 2026
मुंबई वायरल वीडियो को शेयर करते हुए कैप्शन में पूरी जानकारी दी गई और इसके साथ ही वीडियो में दिखाया गया कि कैसे रिक्शा चालक ने लोगों का दिल जीता है। वीडियो को शेयर करते हुए कहा गया कि “मुंबई के रिक्शा ड्राइवर रोहन कांबले की रिक्शा में एक रोजेदार मुस्लिम महिला बैठी। जब रोहन को पता चला कि वह रोजा रखे हुए हैं तो उन्होंने उनसे किराया लेने से मना कर दिया। इस दौरान रिक्शा चालक ने कहा कि “ऐसे ही ऊपर वाले की दुआ को और जिंदगी में खुश रहो।” वीडियो में देखा जा सकता है कि कैसे महिला पैसे देने की कोशिश भी करती है तो रिक्शा चालक नहीं देता है।
Mumbai Viral Video को देखकर इंसानियत की तारीफ करने लगे लोग
इस दौरान मुंबई वायरल वीडियो के अंत में महिला रिक्शा से उतरने के दौरान चालक को सलामती की दुआ देती है और खुश रहने और बरकत करने का आशीर्वाद देते हुए नजर आती है। रोजा रखने वाली मुस्लिम महिला के साथ जिस तरह की इंसानियत रिक्शा चालक ने दिखाई उसकी तारीफ हो रही है। लोगों ने कहा ऐसे मानवता के पुजारी बहुत कम मिलते हैं सत सत नमन तो एक यूजर ने कहा भाईचारा देखना है तो यह वीडियो देखो।
@Ilyas_SK_31 x पर वीडियो को 96000 से ज्यादा व्यूज मिल चुके हैं और लोग टिप्पणी करने में पीछे नहीं है।
डिस्क्लेमर: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी सोशल मीडिया पर मौजूद वीडियो /पोस्ट पर आधारित है। डीएनपी इंडिया हिन्दी/लेखक किसी भी प्रकार के दावे और सत्यता की पुष्टि नहीं करता है।






