Viral Video: जब जिंदगी पर चंद नोटो और सिक्कों की मांग भारी पड़ जाए तो समझ जाओ इंसान शैतान बन चुका है। इसी तरह की हैवानियत से भरा एक वीडियो तेजी से सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। इसे देखने के बाद लोगों को गुस्सा और अफसोस दोनों आ रहा है। दरअसल, एंबुलेंस को रोकर कुछ पार्किंग माफिया पैसों की डिमांड कर रहे हैं। इस पर चालक उन्हें रोक रहा है और मरीज की हालत भी दिखा रहा है। लेकिन वो एंबुलेंस का रास्ता रोके हुए हैं। ये पटना की बताई जा रही है।
मरीज ले जा रही एंबुलेंस से पैसों की वसूली
इंसानियत को शर्मसार करने वाली इस घटना के वायरल वीडियो को The Nalanda Index नाम के एक्स हैंडल से पोस्ट किया गया है। इसके साथ ही कैप्शन में मामले की जानकारी देते हुए लिखा है, “देखिए हम किस तरह के लोगों से निपट रहे हैं-एक मरीज को ले जा रही एम्बुलेंस को रोककर पार्किंग शुल्क वसूला गया! यह घटना पटना से आई है। पहले बिहार रेत और शराब माफियाओं से परेशान था, और अब पार्किंग माफिया एक और बड़ी समस्या बन गया है। इस बीच, बिहार पुलिस निष्क्रिय बैठी हुई प्रतीत होती है।”
Look at the kind of people we are dealing with—an ambulance carrying a patient was stopped and forced to pay for parking! This incident is reported from Patna. First, Bihar was troubled by sand and liquor mafias, and now the parking mafia has become another huge headache.… pic.twitter.com/WT6BBpyIOR
— The Nalanda Index (@Nalanda_index) February 17, 2026
इस घटना के वीडियो को बिहार और पटना दोनों पुलिस को टैग किया गया है। वीडियो में पार्किंग माफियाओं की मनमानी साफ देखी जा सकती है। काफी लोग कंफ्यूज है कि, मामला पटना का बताया जा रहा लेकिन वीडियो के पीछी DMRC का बोर्ड लगा है। उन्हें समझ नहीं आ रहा ये घटना दिल्ली की है या फिर बिहार की है। अगर आपको भी ऐसा लगता है तो बता दें, बिहार की राजधानी पटना में मेट्रो परियोजना का काम दिल्ली मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन यानी की DMRC की देख रेख में चल रहा है। इसीलिए वीडियो के पीछे जो बोर्ड दिख रहा है वो DMRC का है। अभी तक इस घटना के वीडियो पर पटना या फिर बिहार की पुलिस का किसी भी तरह का रिएक्शन सामने नहीं आ सका है।
एंबुलेंस को लेकर क्या कहते हैं नियम?
आपकी जानकारी के लिए बता दें, सरकारी एंजुलेंस 102 और 108 पूरी तरह से मुफ्त होती है। अगर कोई सरकारी एंबुलेंस के पैसे मांगता है तो इसकी शिकायक सीएमओ से कर सकते हैं। वहीं, सरकारी अस्पताल से प्राइवेट हॉस्पिटल जा रहे हैं तो इसकी बहुत ही कम कीमत कुछ राज्यों में चुकानी पड़ती है। ये 7 रुपए 15 किलोमीटर हो सकती है। अगर इसके बाद भी ज्यादा पैसे वसूले जाते हैं तो 104 हेल्पलाइन नंबर पर कॉल करके शिकायत करें। वहीं, सरकारी अस्पताल के लिए प्राइवेट एंबुलेंस से जा रहे हैं तब भी ज्यादा कीमत वसूलने पर कंप्लेंट कर सकते हैं।






