Viral Video: कभी-कभी कैमरे में कुछ ऐसी घटनाएं कैद हो जाती हैं। जिन्हें देखने के बाद सुकून और हैरानी दोनों होती है। इसी तरह का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। इसमें एक लंगूर महिलाओं के साथ मीटिंग में बैठा दिख रहा है। वो जिस बेफ्रिकी से बैठा है, उसे देख लोग काफी खुश हो रहे हैं। क्योंकि ना तो महिलाएं उसे भगा रही हैं और ना ही लंगूर किसी का नुकसान कर रहा है। मीटिंग में इंसान और जानवर की ये अनोखी केमिस्ट्री लोगों का काफी ध्यान खींच रही है। ये घटना गुजरात की बताई जा रही है। इसके साथ ही दावा किया जा रहा है कि, जनगणना की मीटिंग के दौरान ये घटना घटि है। मामले की कोई आधिकारिक जानाकरी मौजूद नहीं है। इसीलिएअ इसकी पुष्टि हम नहीं करते हैं।
जनगणना की मीटिंग में पहुंचा लंगूर
जनगणना की मीटिंग में बैठे लंगूर के वायरल वीडियो को एक्स पर Ghar Ke Kalesh हैंडल से पोस्ट किया गया है। इसके साथ ही कैप्शन में जानकारी देते हुए लिखा है कि, ‘एक लंगूर गुजरात की 2026 की जनगणना के प्रशिक्षण कार्यशाला में बेफिक्री से शामिल हो जाता है और सभागार में महिला प्रतिभागियों के बीच बैठ जाता है। सब लोग ऐसे ही अपना काम करते रहते हैं जैसे सब कुछ सामान्य हो।’
देखें वीडियो
Monkey casually joins Gujarat’s 2026 Census training workshop, sits among women attendees in the auditorium. Everyone continues like it’s normal. 😂 pic.twitter.com/i4zeh4xWr2
— Ghar Ke Kalesh (@gharkekalesh) May 22, 2026
वीडियो में देखा जा सकता है कि, महिलाओं के बीच लंगूर ऐसे बैठा है जैसे कि, वो खुद को इस मीटिंग का हिस्सा समझ रहा हो। वहीं, महिलाएं भी उससे बिना डरे आराम से हॉल में मौजूद हैं। इस घटना ने लोगों का ध्यान खींचा है।
Viral Video देख क्या बोल रहे यूजर्स?
लंगूर के इस वायरल वीडियो को एक्स पर 22 मई 2026 को अपलोड किया गया था। इस वीडियो पर 14000 से ज्यादा व्यूज आ चुके हैं। वहीं, तमाम सारे लोगों के कमेंट भी आ रहे हैं। एक यूजर लिखता है, ‘ये तो इंस्पेक्टर अपनी ड्यूटी करने आया है’। दूसरा लिखता है, ‘महिलाओं के साथ बैठा है ये बंदर बहुत बहादुर है’। तीसरा लिखता है, ‘ये सोच रहा है कि, हमारी भी गिनती होगी क्या’? इस वायरल वीडियो को देख यूजर्स काफी हंस रहे हैं और प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं।
डिस्क्लेमर: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी सोशल मीडिया पर मौजूद वीडियो /पोस्ट पर आधारित है। डीएनपी इंडिया हिन्दी/लेखक किसी भी प्रकार के दावे और सत्यता की पुष्टि नहीं करता है।
