Viral Video: पागलपन! टोपीधारी बुजुर्ग शख्स की शर्मनाक हरकत ने मचाया बवाल, महिलाओं की 3000 आपत्तिजनक फोटोज को फोन में रखा था कैद

Viral Video: रेलवे स्टेशन पर ट्रेन पकड़ने की बजाय पीछे से महिलाओं की क तस्वीरें खींचता था यह सनकी शख्स, सोशल मीडिया पर जब खुलासा हुआ तो लोगों को हुई हैरानी। आइए जानते हैं आखिर इस वीडियो में क्या दिखाया गया है।

Viral Video

Photo Credit- Google Viral Video

Viral Video: कोई भी पब्लिक प्लेस वहां एक महिला की सुरक्षा की जिम्मेदारी हम सभी की होती है। इस बात का खास ध्यान रखा जाता है कि किसी महिला के साथ कोई भी ऐसी घटना ना हो जो समाज को शर्मसार कर दे लेकिन इस सब के बीच सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हो रहा है जहां प्लेटफार्म पर एक बुजुर्ग टोपीधारी शख्स ने ऐसी नीच हरकत की जो जानने के बाद शायद आप भी चकित रह जाए। शख्स ने कथित तौर पर 3000 से ज्यादा तस्वीर महिलाओं के अपने फोन में कैद करके रखे थे। आइए जानते हैं आखिर वायरल वीडियो में क्या हुआ जो चर्चा में है।

टोपीधारी बुजुर्ग शख्स के काले कारनामे ने सबके दिमाग को हिलाया

वायरल वीडियो की बात करें तो घर के क्लेश x चैनल से शेयर करते हुए इस वीडियो में बताया गया कि कैसे यह शख्स कथित तौर पर महिलाओं को पीछे से फोटो क्लिक करता था। जब इसकी जांच हुई तो मोबाइल से करीब 3000 तस्वीरें मिली जो महिलाओं से बगैर पूछे क्लिक की जाती थी। वायरल वीडियो में कथित तौर पर इस टोपीधारी बुजुर्ग के काले करतूत को देखने के बाद लोग स्तब्ध है। कहा जा रहा है कि पुलिस अब इसका इलाज करने वाली है।

Viral Video को देखकर लोगों का फूटा तस्वीर खींचने वाले पर गुस्सा

वायरल वीडियो में देखा जा सकता है कि शख्स को पुलिस अपने साथ ले जाती है और एक सुनने के लिए तैयार नहीं है।भारतीय रेलवे स्टेशन पर यह आदमी चुपचाप महिलाओं के पिछले हिस्से की तस्वीरें खींचता हुआ पकड़ा गया। इस दौरान झड़प देखने को मिली। लोग इस तरह की करतूत के लिए सजा की मांग कर रहे हैं। जहां एक यूजर ने कहा इसे साइकाइट्रिक मदद की जरूरत है। दिमागी तौर पर वह अनस्टेबल लग रहा है तो एक यूजर ने कहा इसकी भी क्या-क्या मजबूरी रहे होगी तो 1 यूजर ने लिखा इसे कहते हैं असली जिहादी। बाकी यूजर्स भी गुस्से में आग बबूला नजर आए और एक्शन लेने की मांग कर रहे हैं।

डिस्क्लेमर: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी सोशल मीडिया पर मौजूद वीडियो /पोस्ट पर आधारित है। डीएनपी इंडिया हिन्दी/लेखक किसी भी प्रकार के दावे और सत्यता की पुष्टि नहीं करता है।

 

Exit mobile version