Viral Video: नाग और नागिन को लेकर अकसर कहा जाता है कि, ये दोनों अलग होकर मर जाते हैं। इनके सच्चे प्यार पर कई सारी फिल्में भी बनी हैं। अगर आप भी कुछ ऐसा ही सोचते हैं तो इस वायरल वीडियो को देखकर आपका भ्रम टूट जाएगा। सोशल मीडिया पर एक अंडों को बचाती नागिन का वीडियो वायरल हो रहा है। इस दौरान उसके साथ नाग भी है। लेकिन जैसे ही शिकारी गोह यानी की छिपकली हमला करती है। वैसे ही नागिन को अपनी जान की परवाह किए बिना शिकारी से भिड़ जाती है। उसे देखकर साफ लग रहा है कि, नागिन अब नहीं बचेगी।
मौत के मुंह में नागिन को छोड़कर भागा नाग
गोह से अंडों की रक्षा करते नाग और नागिन के वायरल वीडियो को निर्मोही नाम के एक्स हैंडल से अपलोड किया गया है। इसके साथ ही कैप्शन में जानकारी देते हुए लिखा है कि, ‘रेत में एक मां की ममता का अद्भुत नजारा। कोबरा अपने अंडों की पूरी सावधानी से रक्षा कर रही है।
देखें वीडियो
रेत में एक मां की ममता का अद्भुत नजारा। कोबरा अपने अंडों की पूरी सावधानी से रक्षा कर रही है। प्रकृति में मातृत्व का भाव हर जीव में एक जैसा होता है। https://t.co/c6KFBxU5lD
— निर्मोही (@up_ka_l_adka) October 15, 2026
प्रकृति में मातृत्व का भाव हर जीव में एक जैसा होता है। ‘ वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि, जैसे ही गोह सांप के बिल में घुसकर अंडे खाने की कोशिश करता है। वैसे ही नागिन शिकारी से भिड़ जाती है। जिसके बाद गोह नागिन की गर्दन को अपने मुंह में भर लेता है। वीडियो को देखकर लग रहा है कि, वो उसे नहीं छोड़ेगा। तभी नाग बिना नागिन और अंडों को बचाए वहां से भाग जाता है। वो मुसीबत में अकेले ही नागिन को छोड़ देता है। ये घटना देख लोग काफी भावुक हो रहे हैं।
Viral Video देख यूजर्स हुए हैरान
मौत के मुंह में नागिन को छोड़कर भागते नाग का वायरल वीडियो कब और कहां का है? इसकी कोई भी आधिकारिक जानकारी तो मौजूद नहीं है। लेकिन इसे एक्स पर 15 अक्टूबर 2026 को अपलोड किया गया था। इस वीडियो पर 1.90 लाख व्यूज आ चके हैं। वहीं, तमाम सारे लोगों की प्रतिक्रियाएं भी आ रही हैं। एक यूजर कमेंट करते हुए लिखता है, ‘मां की ममता ही सब से अलग होती है, बच्चे के लिए कुछ भी कर सकती है’। दूसरा लिखता है, ‘ममता का गुण हर प्राणी में एक समान होता है’। वहीं, काफी लोग नाग के व्यवहार से हैरान हैं।
डिस्क्लेमर: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी सोशल मीडिया पर मौजूद वीडियो /पोस्ट पर आधारित है। डीएनपी इंडिया हिन्दी/लेखक किसी भी प्रकार के दावे और सत्यता की पुष्टि नहीं करता है।







