High Cholesterol: कोलेस्ट्रोल खून में पाया जाने वाला एक फैट होता है। लेकिन गलत खानपीन के कारण बढ़ने लगे तो पूरी बॉडी को बीमार कर देता है। ये दो तरह के होते हैं। खराब कोलेस्ट्रॉल जिसे लो-डेंसिटी लिपोप्रोटीन कहते हैं। दूसरा अच्छा कोलेस्ट्रॉल जिसमें हाई-डेंसिटी लिपोप्रोटीन होता है। इसका हद से ज्यादा बढ़ना शरीर को नुकसान पहुंचता है। ये मुख्य रुप से तली-भुनी चीजें, फास्ट फूड, प्रोसेस्ड मीट और सैचुरेटेड या ट्रांस फैट के कारण बढ़ता है। इसके बाद ये हार्ट अटैक , स्ट्रोक और मोटापे का कारण बनता है। अगर आपके शरीर में मोटापे के कारण कोलेस्ट्रोल बहुत अधिक हो गया है तो डॉक्टर सलीम जैदी के द्वारा बताई जा रही इस खास चाय का सेवन कर सकते हैं।
High Cholesterol को कंट्रोल करने के लिए इन 4 चीजों की बनाएं चाय
डॉक्टर सलीम जैदी का कहना है कि, ये चाय कोलेस्ट्रॉल कंट्रोल करने के लिए एक अच्छा नेचुरल विकल्प है। इस देसी चाय को बनाने के लिए आपको चार इंग्रेडिएंट्स चाहिए होंगे। इसके लिए आपको मेथी, आंवला, अदरक और दालचीनी को लेना है। यह कोलेस्ट्रॉल को नेचुरली कम करते हैं। मेथी में सॉलुबल फाइबर होता है जो कि कोलेस्ट्रॉल से चिपक कर इसको अब्सॉर्ब होने से पहले ही बॉडी से बाहर निकाल देता है।
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वीडियो क्रेडिट-Healthy Hamesha
आंवला की बात करें तो यह एक पावरफुल एंटीऑक्सीडेंटहै जो कि, लिवर को डिटॉक्स करता है और बॉडी के नेचुरल कोलेस्ट्रॉल क्लीनिंग सिस्टम को बूस्ट करता है। ये गुड कोलेस्ट्रॉल को बढ़ता है। वहीं, अदरक और दालचीनी आपके ब्लड फैट्स को कंट्रोल में करते हैं। बॉडी में इनफ्लेमेशन को कम करते हैं और इंसुलिन की सेंसिटिविटी को भी इंप्रूव करते हैं। इन सभी को मिलाकर इस देसी चाय का सेवन कर सकते हैं।
हाई कोलेस्ट्रॉल कम करने वाली चाय कैसे बनाएं?
इस देसी चाय को बनाने के लिए आपको रातभर मेथी को पानी में भिगोरकर रखना है। इसके बाद सुबह के समय इसमें एक छोटा सा अदरक का टुकड़ा डालना है। फिर इसमें आधा चम्मच दालचीनी पाउडर और आंवला पाउडर को मिक्स करके अच्छे से इस पानी को उभालना है। फिर इसे नींबू के रस की कुछ बूंदे डालकर पी सकते हैं। इसका सेवन लगातार 3 से 4 हफ्तों तक करने पर फायदा दिखने लगता है।
Disclaimer: यह लेख और इसमें दी गई चिकित्सीय परामर्श केवल सामान्य जानकारी प्रदान करती है। यह किसी भी तरह से किसी योग्य चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है। इस लेख में बताए गए तरीकों और दावों को केवल सुझाव माना जाना चाहिए; डीएनपी इंडिया हिंदी न तो इनकी पुष्टि करता है और न ही खंडन करता है। ऐसे किसी भी सुझाव/उपचार/दवा/आहार का पालन करने से पहले हमेशा डॉक्टर से सलाह लें।







