Viral Video: एक मां अपने बच्चों की खुशी के लिए हर एक चीज करने को तैयार रहती है और उसकी जिंदगी सबसे अच्छी हो सके इसके लिए खुद दुख सहती है। बच्चों के साथ मां का रिश्ता ही कुछ ऐसा होता है। इस सब के बीच सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हो रहा है जो आपको यह सोचने के लिए मजबूर कर देगा कि आजकल के समय में भी बच्चे भी अपनी मां का उतना ही ख्याल रखते हैं। दरअसल एक युवक ने अपनी मां की तस्वीर टाइम्स स्क्वायर पर लगवाई लेकिन इसके पीछे की कहानी आपको रुला देगी। आइए जानते हैं पूरी खबर डिटेल्स में क्या है।
कई रिजेक्शन के बाद मिली सफलता तो मां को बेटे ने किया शुक्रिया
बेटे ने मां को दिया जबरदस्त सरप्राइज, अमेरिका के टाइम्स स्क्वायर पर लगवाई तस्वीर
◆ वीडियो सोशल मीडिया पर हुआ वायरल
◆ भारतीय युवक अभिजय अरोड़ा अमेरिका में गूगल में काम करते हैं#ViralVideo | Viral | #Viral | America pic.twitter.com/ILW7iQczQD
— News24 (@news24tvchannel) June 8, 2026
वायरल वीडियो के साथ ही पूरी जानकारी दी गई जहां बताया गया कि कैसे एक सिंगल मां अपने बेटे की परवरिश की। इस दौरान उसे कई रिजेक्शन का सामना करना पड़ा लेकिन उसकी मां उसके साथ खड़ी रही। मां के बलिदान संघर्ष का ही नतीजा निकला कि लंबे समय के बाद उसे गूगल में जॉब मिल पाया। कथित तौर पर युवक का नाम अभिजय अरोड़ा बताया जा रहा है जो अमेरिका में गूगल में काम करते हैं। वहीं जब सफलता हाथ लगी तब अपनी ही मां को कुछ ऐसा सरप्राइज दिया कि वह इमोशनल हो गई।
Viral Video को लेकर लोग कर रहे इस तरह इमोशनल कमेंट्स
वहीं वायरल वीडियो में देख सकते हैं कि एक बेटा अपनी मां को वीडियो कॉल पर टाइम्स स्क्वायर मे लगी हुई तस्वीर को दिखाता है। इस दौरान जिस अंदाज में उसने अपनी मां की संघर्ष का शुक्रिया अदा किया वह लोगों का दिल जीत रहा है। न्यूज़ 24x चैनल से शेयर किए गए इस वीडियो को 1 लाख 23 हजार से ज्यादा व्यूज मिल चुके हैं। वही लोग इस पर इमोशनल कमेंट्स कर रहे हैं। एक यूजर ने कहा इसलिए कहते हैं मां पहला प्यार होती है तो एक ने कहा शानदार। एक यूजर ने कहा हर बेटे का सपना है मां को ऐसा गिफ्ट देना तो एक ने कहा, “बेटे के लिए उसकी मां वह स्त्री होती है जो उसकी सफलता की नींव रखती है।
वायरल वीडियो पर लोग इमोशनल कमेंट्स करते हुए दिखाई दे रहे हैं और फिलहाल यह चर्चा में है।
डिस्क्लेमर: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी सोशल मीडिया पर मौजूद वीडियो /पोस्ट पर आधारित है। डीएनपी इंडिया हिन्दी/लेखक किसी भी प्रकार के दावे और सत्यता की पुष्टि नहीं करता है।
