Viral Video: लोडर बना एम्बुलेंस, बेबस बेटा बना डॉक्टर, छतरपुर की सड़कों पर दिखा मौत- बेबसी का दर्दनाक नजारा

Viral Video: सोशल मीडिया पर एक बेबस बेटे का वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है। एंंबुलेंस ना मिलने पर बेटा लोडर पर ही पिता को डालकर ले गया। इस दौरान वो सीपीआर भी देता दिखा। इस घटना का वीडियो देख यूजर्स के आंसू निकल रहे हैं।

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Picture Credit: Ghar Ke Kalesh X

Viral Video: कभी-कभी कैमरे में कुछ ऐसी घटनाएं कैद हो जाती हैं। जिन्हें देखकर अफसोस के साथ गुस्सा आता है। मध्य प्रदेश के छत्तरपुर से भी एक ऐसी घटना का वीडियो सामने आया है। यहां पर एक बेटा एंबुलेंस ना मिलने पर सामान ढोने वाले लोडर पर ही पिता को लेकर चला गया। इस दौरान वो लगातार सीपीआर दे रहा था। सामान के ऊपर पड़े जिंदगी और मौत की जंग लड़ा आदमी आखिर कार ट्रैफिक और सिस्टम से हार गया। आदमी की मौत हो गई। लेकिन बेटे की पिता को बचाने की कोशिश सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गई। ये घटना छत्तरपुर के तालगांव में रहने वाले मृतक जगदीश विश्वकर्मा के साथ घटि है।

एंबुलेंस नहीं मिली तो लोडर पर ही पिता को ले गया बेबस बेटा

सोचने पर मजबूर कर देने वाला ये ये छत्तरपुर का वायरल वीडियो Ghar Ke Kalesh नाम के एक्स हैंडल पर अपलोड किया गया है। जिसमें 65 साल के पिता को बचाने के लि  बेटा संतोष सीपीआर देता हुआ दिख रहा है। एंबुलेंस ना मिलने पर वो अपने पिता को लोडर पर डालकर ले जा रहा है। खबरों की मानें तो एंबुलेंस के ना आने पर मजबूर बेटे को लोडर पर हार्ट अटैक से जूझ रहे पिता को ले जाना पड़ा।

बेटे का कहना है कि, पिता की तबियत बहुत ज्यादा खराब थी। उन्हें तुरंत डॉक्टर की जरूरत थी लेकिन रास्ते में लगे ट्रैफिक जाम ने जान ले ली। कुछ लोगों ने ट्रैफिक को क्लियर कराने की कोशिश की लेकिन वो इसमें सफलता नहीं पा सके। हालत बिगड़ती देख वो लगातार पिता की छाती दबाकर सीपीआर देता रहा। लेकिन अस्पताल पहुंचने से पहले ही पिता की मौत हो गई।

पीड़ित की मौत पर क्या बोला अस्पताल?

इस घटना पर छतरपुर सीएचएमओ आरपी गुप्ता का बयान आया है। जिसमें उन्होंने कहा है कि, “अगर समय पर एंबुलेंस नहीं मिली, तो गंभीर विषय है. मामले की जांच कराई जाएगी।” वहीं, छत्तरपुर जिला अस्पताल की डॉक्टर अदिति अग्रवाल का बयान भी आया है। उन्होंने बताया कि, मरीज की अस्पताल पहुंचने से पहले ही मौत हो चुकी थी। जिसके बाद परिजन पोस्टमाॉर्टम करा कर ले गए। पीड़ित के परिजनों का कहना है कि, मृतक के दो दिन से सीने में दर्द था।लेकिन शुक्रावर को हालत बहुत ज्यादा बिगड़ गई। जिसके बाद लोडर पर ही जगदीश विश्वकर्मा ने दम तोड़ दिया।

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