Viral Video: मैडम! हम पढ़ने आते हैं या पंखा करने? क्लास में नन्हा बच्चा हिलाता दिखा पंखा , मैडम की रईसी देख खोले उठेगा खून

Viral Video:  सोशल मीडिया पर एक सरकारी स्कूल का वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है। इसमें छोटे बच्चे से मैडम हवा करवा रही है। इस वीडियो को देख लोगों को गुस्सा आ रहा है।

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Picture Credit: Priya singh X

Viral Video:  मध्य प्रदेश के रीवा से एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है। यहां पर सरकारी स्कूल की शिक्षिका के द्वारा मासूम नन्हें छात्र से पंखा करवाया गया है। इस दौरान मैडम आराम से ईयरफोन लगाकर बात करती दिखीं। वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि, लंबे समय तक हाथ के पंखें से हवा करने से कैसे बच्चा बुरी तरह से थक चुका है। सोशल मीडिया पर सरकारी स्कूल की इस हालत को देख कई तरह के सवाल उठ रहे हैं। ये घटना रीवा जिले के त्यौंथर क्षेत्र में आने वाले शासकीय माध्यमिक शाला पनासी की बताई जा रही है। वायरल वीडियो में दिख रही महिला प्रधानाध्यापिका वर्षा मांझी बताी जा रही है।

सरकारी स्कूल में दिखी शिक्षिका की रईसी

रीवा के सरकारी स्कूल से आए इस वायरल वीडियो को  Priya singh नाम के एक्स हैंडल से अपलोड किया गया है। इसके साथ ही कैप्शन में जानकारी देते हुए लिखा है कि, ‘कान में ईयरफोन, मैम बातचीत में व्यस्त। बच्चा पंखा हांके पड़ा है। ये शिक्षा व्यवस्था के नाम पर मजाक नहीं तो क्या है।’

देखें वीडियो

वीडियो मध्य प्रदेश के रीवा जिले के एक सरकारी स्कूल का है।   घटना में साफ देखा जा सकता है कि, महिला शिक्षिका कानों में ईयरफोन लगाकार बातों में व्यस्त है। वहीं, मासूम बच्चा उसकी हवा कर रहा है। आस-पास काफी लोग  मौजूद  हैं। लेकिन मौडम की रईसी पर ना तो कोई रोक रहा है और ना ही कोई टोक रहा है। छात्र को लेकर दावा किया जा रहै है कि, वो कत्रा 8 में पढ़ता है।

Viral Video पर जांच बैठी

इस घटना को देखने के बाद लोगों का गुस्सा फूट पड़ा है। वो इसे बच्चों के अधिकारों पर चोट बता रहे हैं। अमर उजाला में छपि खबर के अनुसार, शिक्षा विभाग ने जांच के आदेश दिए हैं। इसके साथ ही मामले की रिपोर्ट अधिकारियों को सौंपने की बात कही है। अगर आरोप सही पाए जाते हैं, तो संबंधित प्रधानाध्यापिका पर निलंबन या फिर अनुशासनात्मक कार्रवाई की जा सकती है।

डिस्क्लेमर: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी सोशल मीडिया पर मौजूद वीडियो /पोस्ट पर आधारित है। डीएनपी इंडिया हिन्दी/लेखक किसी भी प्रकार के दावे और सत्यता की पुष्टि नहीं करता है।

 

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