Rain Alert 16 May 2026: मौसम की आंख मिचौली लगातार देखी जा रही है। इस सबके बीच कभी गर्मी तो कभी बारिश के लिए आईएमडी की तरफ से अलर्ट जारी किया जा रहा है। वहीं रेन अलर्ट 16 मई 2026 की बात करें तो देश भर के अलग-अलग हिस्सों में मौसम का रुख एक बार फिर से बदलने वाला है। आइए जानते हैं दिल्ली से लेकर उत्तर प्रदेश तक में बारिश का अलर्ट जारी करते हुए मौसम विभाग की तरफ से क्या कहा गया है और आपके शहर में बारिश की स्थिति कैसी रहने वाली है।
मौसम विभाग के मुताबिक दिल्ली में क्या होगी बारिश
रेन अलर्ट 16 मई 2026 की बात करें तो आसमान में काले बादल छाए रह सकते हैं। 20 से 30 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवा चलने की संभावना बताई गई है। इस दौरान अधिकतम तापमान 39 डिग्री कहा गया है। हालांकि न्यूनतम तापमान 28 डिग्री रहेगा। हल्की हवा और बादल की वजह से उमस का एहसास कम हो सकता है।
Rain Alert 16 May 2026 में उत्तर प्रदेश का मौसम का हाल
उत्तर प्रदेश में मौसम के हाल की बात करें तो बारिश तूफान का अलर्ट जारी किया गया है। इस दौरान आगरा से लेकर मथुरा, वाराणसी, प्रयागराज, जौनपुर, कौशांबी सहित लखनऊ में बारिश की चेतावनी जारी की गई है। इस दौरान तूफानी हवा चलने का अलर्ट दिया गया है। 60 से 65 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवा आपको डरा सकती है।
बिहार में जानें बारिश का क्या है खतरा
बिहार में रेन अलर्ट 16 मई 2026 में भारी बारिश और आंधी की चेतावनी जारी की गई है। राज्य के अलग-अलग शहर में तूफान की आहट बताई गई है। इस दौरान 39 डिग्री सेल्सियस अधिकतम तापमान तो न्यूनतम तापमान 28 डिग्री सेल्सियस रहेगा लेकिन तूफानी हवा की रफ्तार 80 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे हो सकती है। वहीं झारखंड में तेज बारिश और तूफान की आशंका जताई गई है।
उत्तराखंड से लेकर हिमाचल और पंजाब तक कहां होगी बारिश
वहीं रेन अलर्ट 16 मई 2026 में उत्तराखंड में भारी बारिश के साथ ओलावृष्टि और हिमपात का अलर्ट जारी किया गया है। हरिद्वार से लेकर नैनीताल तक में चेतावनी जारी की गई है। हिमाचल प्रदेश में तेज बारिश और आंधी की चेतावनी दी गई है तो मौसम विभाग की बात करें तो पंजाब में भी बारिश के साथ तूफान और हवा के रफ्तार 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे हो सकते हैं। वहीं राजस्थान में लंबे समय के बाद एक बार फिर बारिश और तूफान की प्रबल संभावना बताई गई है।
इसके साथ ही अगले 24 घंटे के दौरान दक्षिण बंगाल की खाड़ी, अंडमान सागर और निकोबार दीप समूह के कुछ हिस्सों में मानसून के आगे बढ़ाने की स्थिति बताई गई है।






