---Advertisement---

Bharat NCAP vs Global NCAP में क्या अंतर है, जानें Tata Harrier और Safari की सेफ्टी रेटिंग

Bharat NCAP vs Global NCAP: देश की अपनी कार टेस्ट करने वाली एजेंसी भारत एनसीएपी ग्लोबल एनसीएपी से कितनी अलग है। देखें दोनों में अंतर

Avatar of Amit Mahajan

By: Amit Mahajan

Published: दिसम्बर 23, 2023 11:48 पूर्वाह्न

Bharat NCAP vs Global NCAP
Follow Us
---Advertisement---

Bharat NCAP vs Global NCAP: देश की अपनी खुद की कारों की सेफ्टी रेटिंग एजेंसी लॉन्च हो चुकी है। जी हा, भारत एनसीएपी (Bharat NCAP) को केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्रालय के तहत लाया गया है। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि अभी तक भारत में लॉन्च होने वाली कारों को ग्लोबल एनसीएपी में सेफ्टी रेटिंग के लिए जाना होता था। मगर अब इनकी सुरक्षा की जांच भारत एनसीएपी के तहत भी हो सकती है।

क्या है Bharat NCAP

भारत एनसीएपी यानि न्यू कार असेसमेंट प्रोग्राम के तहत अब देश में ही सभी तरह की कारों का क्रैश टेस्ट हो जाएगा। इनमें पेट्रोल, डीजल, सीएनजी और इलेक्ट्रिक कारे भी शामिल हैं। ये देश की ऑटोमोबाइल इंडस्ट्री के लिए बड़ी पहल है। आइए जानते हैं कि आखिर Bharat NCAP vs Global NCAP में क्या अंतर है। साथ ही हाल ही में लॉन्च हुई टाटा हैरियर और सफारी की सेफ्टी रेटिंग पर भी गौर करना चाहिए।

Bharat NCAP और Global NCAP में अंतर

कार कंपनियां ऑटोमेटिव इंडस्ट्री स्टैंडर्ड (AIS) 197 के तहत अपनी कारों का सेफ्टी क्रैश टेस्ट करा सकती हैं। Bharat NCAP में कार टेस्टिंग के दौरान भारतीय सड़क नियमों का ध्यान रखा जाएगा। वहीं, अभी तक Global NCAP में वैश्विक स्तर पर नियमों का ध्यान रखा जाता था।

Global NCAP एक प्राइवेट कंपनी

आपको बता दें कि ग्लोबल एनसीएपी एक प्राइवेट कंपनी है। इसे कई कार कंपनियों द्वारा फंडिंग होती है। वहीं, भारत एनसीएपी एक सरकारी संगठन है, जोकि भारत सरकार के परिवहन मंत्रालय के तहत आता है।

सेफ्टी रेटिंग कैटेगरी

ग्लोबल एनसीएपी में कार को 5 स्टार सेफ्टी रेटिंग मिलती है। एडल्ड सेफ्टी के लिए 34 पाइंट मिलते हैं। इसमें 16 पाइंट फ्रंट क्रैश टेस्ट और 16 पाइंट साइड क्रैश टेस्ट के होते हैं। वहीं, 2 पाइंट सीट बेल्ट रिमाइंडर के मिलते हैं। दूसरी तरफ, भारत एनसीएपी में 5 स्टार सेफ्टी रेटिंग मिलती है। इसमें एडल्ट सवारी के लिए कम से कम से 27 पाइंट और चाइल्ड सेफ्टी के लिए 41 पाइंट दिए जाते हैं।

क्रैश टेस्ट नियमों में अंतर

भारत एनसीएपी में कार के क्रैश टेस्ट के नियम है। इसमें कारों की 3 तरह से जांच होती है। ऑफसेट डिफॉर्मेबव बैरियर फ्रंट इंपैक्ट टेस्ट, साइड इंपैक्ट टेस्ट और पोल साइड इंपैक्ट टेस्ट शामिल हैं। ग्लोबल एनसीएपी में कार को 102KM की स्पीड के साथ फ्रंट ऑफसेट टेस्ट किया जाता है। डिफॉर्मेबव बैरियर क्रैश टेस्ट 80KM की स्पीड पर होता है। वहीं, भारत एनसीएपी कार को 64KM की स्पीड के साथ ऑफसेट टेस्ट किया जाता है। इसमें डिफॉर्मेबव बैरियर क्रैश टेस्ट 50KM की स्पीड से होता है।

Tata Harrier और Safari को मिली है 5 स्टार रेटिंग

आपको जानकारी के लिए बता दें कि टाटा हैरियर और सफारी को ग्लोबल एनसीएपी क्रैश टेस्ट में 5 स्टार सेफ्टी दी गई है। वहीं, भारत एनसीएपी क्रैश टेस्ट में टाटा हैरियर और सफारी को 5 स्टार सेफ्टी रेटिंग मिली है। हैरियर और सफारी दोनों कारों को 32 में से 30.8 पाइंट एडल्ट सेफ्टी के लिए दिए गए हैं। चाइल्ड सेफ्टी में 49 में से 44.54 पाइंट दिए गए हैं।

देश और दुनिया की तमाम खबरों के लिए हमारा YouTube Channel ‘DNP INDIA’ को अभी subscribe करें। आप हमें FACEBOOKINSTAGRAM और TWITTER पर भी फॉलो कर सकते हैं।

Avatar of Amit Mahajan

Amit Mahajan

अमित महाजन DNP India Hindi में कंटेंट राइटर की पोस्ट पर काम कर रहे हैं.अमित ने सिंघानिया विश्वविद्यालय से जर्नलिज्म में डिप्लोमा किया है. DNP India Hindi में वह राजनीति, बिजनेस, ऑटो और टेक बीट पर काफी समय से लिख रहे हैं. वह 3 सालों से कंटेंट की फील्ड में काम कर रहे हैं.
For Feedback - feedback@dnpnewsnetwork.com

Join WhatsApp

Join Now

Join Telegram

Join Now

Related News

Rashifal 14 May 2026

मई 13, 2026

कल का मौसम 14 May 2026

मई 13, 2026

Rain Alert 14 May 2026

मई 13, 2026

Noida International Airport

मई 13, 2026

Anurag Dhanda

मई 13, 2026

Artificial Intelligence

मई 13, 2026