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Hyundai Motor India IPO: भारत में सबसे बड़े आईपीओ की सदस्यता लेने के क्या हैं फायदे और नुकसान? यहां जानें पूरी डिटेल

Hyundai Motor India IPO: Hyundai India Motor का आईपीओ आज यानि 15 अक्टूबर को खुल रहा है। यह भारत का सबसे बड़ा आईपीओ होने जा रहा है।

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By: Anurag Tripathi

Published: अक्टूबर 15, 2024 12:42 अपराह्न

Hyundai Motor India IPO
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Hyundai Motor India IPO: भारतीय बाजार में विदेशी निवेशकों की रूचि भारत के लिए एक अच्छी खबर है। मालूम हो कि इंडिया मार्केट में ग्रोथ ऑप्चर्यूनिटीज अधिक है। इसी बीच Hyundai India Motor का आईपीओ आज यानि 15 अक्टूबर को खुल रहा है। आपको बता दें कि यह भारत का सबसे बड़ा आईपीओ होने जा रहा है। वहीं यह आईपीओ 17 अक्टूबर को बंद हो जाएगा। 18 अक्टूबर को शेयरों का अलॉटमेंट कर दिया जाएगा। इसके बाद 18 अक्टूबर को शेयरों का अलॉटमेंट कर दिया जाएगा। 22 अक्टूबर 2024 को बीएसई और एनएसई पर कंपनी के शेयर लिस्ट होंगे।

जानकारी के मुताबिक यह ऑटोमोबाइल कंपनी अपने इस आईपीओ से कुल 27870.16 करोड़ रुपये जुटाएगी। अगर आप भी Hyundai India Motor में आईपीओ लेने की सोच रहे है तो यह खबर आपके लिए है। आपको बताएंगे इस आईपीओ की सदस्यता लेने के क्या फायदे और नुकसान हैं?

Hyundai India Motor के बारे में संक्षिप्त जानकारी

कोरिया स्थित हुंडई समूह की सहायक कंपनी हुंडई मोटर इंडिया की स्थापना 1996 में हुई थी। कंपनी सेडान, हैचबैक, एसयूवी और इलेक्ट्रिक वाहन (ईवी) सहित चार पहिया यात्री वाहनों की एक विस्तृत श्रृंखला के निर्माण और बिक्री में माहिर है। इसके अतिरिक्त, हुंडई ट्रांसमिशन और इंजन जैसे प्रमुख ऑटोमोटिव पार्ट्स का उत्पादन करती है।

Hyundai India Motor आईपीओ निवेश के फायदें

●बता दें कि Hyundai India Motor 2023 में गाड़ी ब्रिक्री के मामले में दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी ऑटो मूल उपकरण निर्माता है।

●1998 से 31 मार्च 2024 तक Hyundai India Motor ने भारत में और निर्यात के माध्यम से लगभग 12 मिलियन 4 पहिया वाहन बेचे है।

●हुंडई भारतीय बाजार में दूसरा सबसे बड़ा ऑटो मूल उपकरण निर्माता है।

●इसके अलावा यह 2005 से लेकर 2024 तक 4 पहिया वाहनों का सबसे बड़ा निर्यातक रहा है।

Hyundai India Motor आईपीओ निवेश के नुकसान

●परिचालन मौसमी उतार-चढ़ाव के अधीन है, जो बिक्री और वित्तीय प्रदर्शन को प्रभावित करता है। मांग आम तौर पर जनवरी-मार्च और त्योहारी सीज़न के दौरान चरम पर होती है, जबकि अप्रैल-जुलाई और दिसंबर में मंदी आती है।

टैक्स कानूनों में बदलाव से व्यावसायिक संभावनाओं, वित्तीय स्थिति, परिचालन परिणामों और नकदी प्रवाह पर नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है।

निवेश को लेकर विशेषज्ञों का राय

इस विषय में जानकारी रखने वाले कई विशेषज्ञों का मानना है कि हुंडई का आईपीओ एक मजबूत दीर्घकालिक निवेश हो सकता है। यानि अगर कोई इस आईपीओ में लंबे वक्त तक निवेश करता है तो उसे अच्छा खासा लाभ हो सकता है। हालांकि निवेश में लाभ कई विंदुओं पर निर्भर करते है।

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Anurag Tripathi

अनुराग त्रिपाठी को पत्रकारिता का 2 साल से अधिक का अनुभव है। उन्होंने महर्षि दयानंद यूनिवर्सिटी से अपनी पत्रकारिता की डिग्री प्राप्त की है। वह बिजनेस, यूटिलिटी, पॉलिटिक्स विषयों पर लिखने में रूचि रखते है। वर्तमान में वह डीएनपी इंडिया के साथ कार्यरत है।
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