पहलगाम हमले से लेकर टैरिफ तक! BRICS Summit 2026 के घोषणापत्र में इन मुद्दों का जिक्र, जानें सबकुछ

BRICS Summit 2026: नई दिल्ली में आयोजित ब्रिक्स का आज दूसरा दिन है। बता दें कि इस समिट में दुनिया के कई देशों के राष्ट्रअध्यक्ष हिस्सा लेंगे।

BRICS Summit 2026

फाइल फोटो

BRICS Summit 2026: नई दिल्ली में आयोजित BRICS Summit 2026 का आज दूसरा दिन है। बता दें कि इस समिट में दुनिया के कई देशों के राष्ट्रअध्यक्ष हिस्सा लेंगे। बता दें कि बैठक के दौरान ब्रिक्स देशों ने एक संयुक्त घोषणापत्र जारी किया। इसमें आतंकवाद, पहलगाम हमला, टैरिफ, व्यापार, गाजा, पश्चिम एशिया संकट और संयुक्त राष्ट्र में सुधार जैसे कई महत्वपूर्ण मुद्दों का जिक्र किया गया। इस घोषणापत्र में कुल 140 बिंदु हैं। भारत के लिए सबसे खास बात यह रही कि इसमें पहलगाम आतंकी हमले की निंदा की गई। इसके अलावा आतंकवाद के खिलाफ सख्त रुख अपनाने की बात कही गई। चलिए आपको बताते है इससे जुड़ी सभी जानकारी।

BRICS Summit 2026 के घोषणापत्र में इन मुद्दों का जिक्र

पहलगाम हमले की निंदा – “22 अप्रैल 2025 को जम्मू-कश्मीर में हुए आतंकवादी हमले की कड़े शब्दों में निंदा करते हैं, जिसमें 26 लोग मारे गए और कई अन्य घायल हो गए।”

एकतरफा प्रतिबंधों की निंदा – “एकतरफ़ा दबाव वाले उपाय… जैसे कि एकतरफ़ा आर्थिक प्रतिबंध और सेकेंडरी प्रतिबंध”, जिनमें “संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद से मंज़ूरी न पाए प्रतिबंध” भी शामिल हैं।

टैरिफ़ पर सवाल – एकतरफ़ा टैरिफ़ और नॉन-टैरिफ़ उपायों के बढ़ने को लेकर गंभीर चिंताएं हैं, जो व्यापार को बिगाड़ते हैं और WTO के नियमों के अनुरूप नहीं हैं।
कार्बन बॉर्डर टैक्स का विरो-: “एकतरफा, दंडात्मक, भेदभावपूर्ण और संरक्षणवादी उपाय जो अंतरराष्ट्रीय कानून के अनुरूप नहीं हैं, जैसे कि कार्बन बॉर्डर एडजस्टमेंट मैकेनिज्म।”
न्यूक्लियर साइट्स के पास हमलों पर चिंता जताई गई – IAEA की पूरी सुरक्षा-निगरानी वाली शांतिपूर्ण न्यूक्लियर सुविधाओं और आम नागरिकों के इस्तेमाल वाले बुनियादी ढांचे पर जान-बूझकर किए गए हमलों को लेकर “गंभीर चिंता” है।

भारत के लिए क्यों अहम है यह घोषणापत्र?

भारत की अध्यक्षता में हुए BRICS Summit 2026 में नई दिल्ली ने आतंकवाद, ग्लोबल साउथ, UN सुधार, व्यापार और आर्थिक सहयोग जैसे मुद्दों को प्रमुखता से उठाया। पहलगाम हमले का घोषणापत्र में उल्लेख भारत के लिए खास तौर पर महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि BRICS के सभी सदस्य देशों ने आतंकवाद की निंदा और उसके खिलाफ कार्रवाई की आवश्यकता को स्वीकार किया है। भारत की अध्यक्षता में हुए इस सम्मेलन से यह संदेश भी सामने आया कि ब्रिक्स देश वैश्विक अर्थव्यवस्था के साथ-साथ सुरक्षा और अंतरराष्ट्रीय व्यवस्था से जुड़े मुद्दों पर भी मिलकर काम करना चाहते हैं।

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