India-US Trade Deal: अमेरिका लगाएगा भारत पर 100 प्रतिशत टैरिफ! यूएस के नए फैसले से भारत में मची अफरातफरी, जानें सबकुछ

India-US Trade Deal: अमेरिकी सीनेट ने रूसी तेल खरीदारों पर 100% तक टैरिफ लगाने की अनुमति देने वाला विधेयक पारित किया।

India-US Trade Deal

फाइल फोटो

India-US Trade Deal: अमेरिका और भारत एक बार फिर आमने-सामने आ गए है। दरअसल अमेरिकी सीनेट ने रूसी तेल खरीदारों पर 100% तक टैरिफ लगाने की अनुमति देने वाला विधेयक पारित किया। यानि जल्द अमेरिका भारत पर 100 प्रतिशत का टैरिफ लगा सकता है, क्योंकि भारत की ऐसा देश है जो बड़ी मात्रा में रूस से कच्चा तेल खरीदता है।

वहीं हाल ही में एफसीआरए बिल पर अमेरिका सांसदों ने चिंता जताई थी। हालांकि भारत ने साफ कर दिया है कि वह उनका आंतरिक मामला है। वहीं अब इस नए बिल से कई तरह की चर्चाएं शुरू हो गई है कि भारत पर इसका क्या असर पड़ने वाला है?

अमेरिका की नई चाल से भारत की बढ़ी चिंता

जानकारी के मुताबिक अमेरिका सीनेट ने 86-11 के बहुमत से भारत समेत 5 देशों पर 100% तक का टैरिफ लगाने वाला बिल पास कर दिया है। बिल के मुताबिक भारत, चीन, स्लोवाकिया, हंगरी और अजरबैजान पर 100% टैरिफ लगाया जा सकता है। यह बिल रिपब्लिकन और डेमोक्रेट दोनों पार्टियों के समर्थन से लाया गया।

इसका मकसद रूस की तेल से होने वाली कमाई को कम करना है, ताकि उसकी युद्ध लड़ने की क्षमता कमजोर की जा सके। वहीं इससे पहले केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने साफ तौर पर कह दिया था जहां भारत  और उनके लोगों का हित होगा, सरकार वैसा ही काम करेगी।

भारत पर कितना पड़ेगा असर?

गौरतलब है कि अमेरिका में अच्छी खासी आबादी रहती है।अगर 100 प्रतिशत का टैरिफ यूएस भारत पर लगा देता है तो भारतीय सामान महंगा होने से वहां भारतीय उत्पादों की मांग घट सकती है। इससे टेक्सटाइल, कपड़े, जेम्स-ज्वेलरी, इंजीनियरिंग सामान, केमिकल और समुद्री उत्पाद जैसे क्षेत्रों पर दबाव बढ़ेगा।

अमेरिकी खरीदार पूरा अतिरिक्त शुल्क वहन नहीं करते तो भारतीय कंपनियों को कीमत कम करनी पड़ सकती है। इससे उनका मार्जिन और मुनाफा प्रभावित होगा। निर्यात से आने वाले डॉलर में कमी होने पर रुपये पर दबाव बढ़ सकता है। हालांकि इसका वास्तविक असर उस समय के पूंजी प्रवाह, तेल की कीमत और आरबीआई की नीतियों पर भी निर्भर करेगा।

 

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