Bullet Train: भारतीय रेलवे ने पिछले कुछ सालों में कई नए कीर्तिमान रचा है, जिसमे मेक इन इंडिया के तहत बनाई गई भारत की पहली सेमी हाईस्पीड वंदे भारत ट्रेन शामिल है। वहीं देश के पहली Bullet Train प्रोजेक्ट पर तेजी से काम किया जा रहा है। कई स्टेशन बनकर तैयार भी हो चुके है। जानकारी के मुताबिक इस रूट को जापानी तकनीक से तैयार किया जा रहा है। इसी बीच B28 और B35 ट्रेनों को लेकर चर्चा तेज हो गई है, जिनकी स्पीड और सुविधाएं लोगों को हैरान कर रही हैं। भारतीय रेलवे की खास तैयारियों से रेल प्रेमियों के चेहरे खुशी से खिल उठे है। वहीं ट्रेन के संचालन को लेकर भी बड़ी खबर सामने आ रही है। चलिए आपको बताते है इससे जुड़ी सभी अहम जानकारी।
संचालन से पहले B28 और B35 ट्रेनों की क्यों हो रही है चर्चा?
जानकारी के मुताबिक B28 ट्रेन की अधिकतम स्पीड 280 किलोमीटर प्रतिघंटे की है। रूट तैयार होने के बाद पहले मुंबई-अहमदाबाद रूट पर इस ट्रेन को चलाने की योजना बनाई जा रही है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक शुरूआत में इस ट्रेन को 250 किलोमीटर प्रतिघंटे की रफ्तार से चलाया जाएगा। यानि दिल्ली से पटना मात्र 4 घंटे में, वहीं अगर B35 ट्रेन की बात करें तो यह ट्रेन 350 किलोमीटर प्रतिघंटे की रफ्तार से दौड़ सकती है।
हालांकि शुरूआत में इसको 320 किलोमीटर प्रतिघंटे की रफ्तार से चलाया जाएगा। यह कहना गलत नहीं होगा कि भारत के लिए ये नए युग की शुरूआत होगी। क्योंकि अभी केवल वंदे भारत स्लीपर ट्रेन ही है, जिसकी अधिकतम स्पीड 180 किलोमीटर प्रतिघंटा है।माना जा रहा है कि 15 अगस्त 2027 को Bullet Train का संचालन हो सकता है, हालांकि अधिकारिक तौर पर इसे लेकर जानकारी सामने नहीं आई है।
Bullet Train की ट्रेनिंग के लिए जापान जाएंगे ट्रेन ड्राइवर
जानकारी के मुताबिक Bullet Train चलाने वाले ड्राइवरों की ट्रेनिंग जापान में होगी, क्योंकि भारत में बुलेट ट्रेन का अनुभव ड्राइवरों के पास नहीं है। इसके अलावा कई मायनों में यह रूट एक गेमचेंजर साबित होने जा रहा है। इसके अलावा रेल मंत्री की तरफ से अन्य कॉरिडोर भी प्रस्तावित किए गए है, जिसमे दिल्ली-वाराणसी, मुंबई-नागपुर, चेन्नई – बेंगलुरू शामिल है।
जैसे ट्रेनों का संचालन बढे़गा। दिल्ली से पटना और अन्य राज्यों के बीच कॉरिडोर तैयार किया जाएगा। आने वाले कुछ सालों में दिल्ली से पटना जाने में करीब 3.5 से 4 घंटे का समय लगेगा, जो अपने आप में एक कीर्तिमान होगा। इसके अलावा अर्थव्यवस्था के लिहाज से भी ये प्रोजेक्ट काफी अहम होने जा रहा है।
