EPFO New App: पीएफ धारकों के लिए केंद्र सरकार ने एक बड़ी खुशखबरी दी है। बता दें कि नौकरीपेशा लोगों के लिए ईपीएफओ द्वारा कंपनी और कर्मचारी की तरफ से एक तय राशि काटी जाती है, जिसे भविष्य में इस्तेमाल किया जा सकता है। मालूम हो कि पीएम निकासी के लिए धारकों को एक लंबा चौड़ा प्रोसेस को फॉलो करना होता है। साथ ही उसमे काफी समय भी लगता है।
इसी को देखते हुए केंद्र सरकार 1 अप्रैल 2026 को एक नया एप लॉन्च करने जा रही है। जिसकी मदद से पीएम धारक यूपीआई की मदद से अपना पैसे निकाल सकेंगे, और बेहद कम समय में उनके अकाउंट में पैसा क्रेडिट हो जाएगा। मालूम हो कि अभी पीएम अप्लाई के बाद पैसा आने में काफी समय लगता है। ईपीएफओ 3.0 सरकार के व्यापक प्रयासों का हिस्सा है जिसका उद्देश्य डिजिटल सार्वजनिक बुनियादी ढांचे को मजबूत करना और न्यूनतम कागजी कार्रवाई और त्वरित प्रतिक्रिया समय के साथ नागरिक-केंद्रित सेवाएं प्रदान करना है। चलिए आपको बताते है इससे जुड़ी सभी जरूरी अपडेट।
1 अप्रैल 2026 को लॉन्च हो सकता है ईपीएफओ का नया एप
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक पीएफ निकासी बेहतर बनाने के लिए केंद्र सरकार धारकों के लिए नया एप लॉन्च करने जा रही है। सबसे खास बात है कि इसके मदद से चंद मिनटों में यूपीआई की मदद से पीएफ का पैसा ट्रांसफर किया जा सकेगा। बता दें कि अभी इसके लिए यूएन पोर्टल की मदद ली जाती है, और पैसा आने में 5-7 दिन का समय लग जाता है। लेकिन इस नए एप की मदद से चंद मिनटों में पैसा निकाला जा सकेगा। किसी प्रकार की इमरजेंसी में यह गेमचेंजर साबित हो सकता है। श्रम और रोजगार मंत्रालय वर्तमान में अप्रैल 2026 में सार्वजनिक रूप से लॉन्च करने से पहले किसी भी तकनीकी समस्या की पहचान करने और उसे हल करने के लिए 100 नकली खातों का उपयोग करके परीक्षण कर रहा है।
EPFO New App के फायदें
तुरंत ट्रांसफर होगा पैसा – सदस्य अपने यूपीआई पिन का उपयोग करके पात्र धनराशि को अपने लिंक किए गए बैंक खातों में लगभग तुरंत स्थानांतरित कर सकते हैं, जिससे कई दिनों तक चलने वाली पारंपरिक दावा दाखिल करने की प्रक्रिया से बचा जा सकता है। इससे बड़ी संख्या में ईपीएफओ सदस्यों को बीमारी, शिक्षा, विवाह और आवास जैसे उद्देश्यों के लिए तीन दिनों के भीतर अपने ईपीएफ धन तक पहुंचने में सुविधा मिलती है।
निकासी सीमा – प्रारंभिक चर्चाओं से पता चलता है कि यूपीआई आधारित निकासी के लिए प्रति लेनदेन 25,000 रुपये की प्रस्तावित सीमा तय की जा सकती है।
अन्य यूपीआई के साथ किया जाएगा एकीकृत – यह सुविधा ईपीएफओ के एक नए समर्पित ऐप के माध्यम से उपलब्ध होगी, जिसे बीएचआईएम ऐप और अन्य यूपीआई प्लेटफॉर्म के साथ एकीकृत किया जाएगा।






