Ganga Expressway: देश के सबसे चर्चित एक्सप्रेसवे जो मेरठ से प्रयागराज के बीच बनाई गई है। उसके संचालन को लेकर सुगबुगाहट तेज हो गई है। माना जा रहा है कि जनवरी के आखिरी या फरवरी के शुरूआत में इस गंगा एक्सप्रेसवे का उद्घाटन हो सकता है। हालांकि तारीख को लेकर अभी तक अधिकारिक ऐलान तो नहीं किया गया है, लेकिन जल्द इसे लेकर जानकारी सामने आ सकती है। बता दें कि यह एक्सप्रेसवे कई शहरों के लिए गेमचेंजर साबित हो सकता है। जिसमे हरदोई, कासगंज, रायबरेली समेत कई शहर शामिल है। ट्रेवल के साथ-साथ यह निवेश और रोजगार के मामले में भी वरदान साबित होने जा रही है।
इन शहरों के लिए Ganga Expressway साबित होगा वरदान
अगर रूट की बात करें तो गंगा एक्सप्रेसवे मेरठ, हापुड, बुलन्दशहर, अमरोहा, संभल, बदायूं, शाहजहांपुर, हरदोई, उन्नाव, रायबरेली होते हुए प्रयागराज पहुंचेगी। मेरठ पहले से ही एक औद्योगिक केंद्र है। एक्सप्रेसवे बनने से पूर्वी उत्तर प्रदेश से इसकी कनेक्टिविटी मजबूत होगी और विनिर्माण वस्तुओं के लिए बाजार खुलेंगे। बदायूं और कासगंज में भंडारण और लघु उद्योगों में निवेश बढ़ेगा। लखनऊ और कानपुर के बीच स्थित उन्नाव एक लॉजिस्टिक्स कॉरिडोर के रूप में विकसित हो सकता है। तेज़ परिवहन के कारण औद्योगिक पार्क, कोल्ड स्टोरेज श्रृंखलाएं और विनिर्माण इकाइयां विस्तारित हो सकती हैं। यानि कई शहरों के लिए यह एक्सप्रेसवे एक गेमचेंजर साबित हो सकता है।
मेरठ से प्रयागराज की दूरी मात्र इतने में होगी पूरी
गौरतलब है कि गंगा एक्सप्रेसवे बनने से मेरठ और प्रयागराज की दूरी बेहद कम हो जाएगी। बता दें कि अभी मेरठ से प्रयागराज जाने में करीब 12 से 13 घंटे का समय लगता है। लेकिन इस एक्सप्रेसवे के बनने से दूरी मात्र 6 से 7 घंटे की रह जाएगी। जो अपने में किसी सपने से कम नहीं होगी। यानि करीब 600 से की दूरी बेहद कम समय में हो जाएगी पूरी। इसके अलावा इसे काफी आधुनिक रूप से बनाया गया है। जहां इमरजेंसी के समय विमान भी उतर सकेंगे। साथ ही पश्चिम से दक्षिण की कनेक्टिविटी और आसान हो जाएगी। माना जा रही है कि फरवरी में इस एक्सप्रेसवे का उद्घाटन हो सकता है। जिसके बाद मेरठ से प्रयागराज का सफर आसानी से पूरा हो सकेगा।






