Gorakhpur Panipat Expressway: एक्सप्रेसवे के मामले में उत्तर प्रदेश लगातार नए कीर्तिमान रच रहा है। दरअसल यूपी में एक को नए एक्सप्रेसवे का एनएचआईए की तरफ से मंजूरी मिल चुकी है। बता दें कि प्रस्तावित Gorakhpur Panipat Expressway कई मायनों में एक गेमचेंजर साबित होने जा रहा है। हरियाणा, यूपी, दिल्ली के अलावा यह एक्सप्रेसवे बिहार जाने वाले यात्रियों के लिए फायदमेंद रहेगा। यह एक्सप्रेसवे सहारनपुर के लिए बड़ा बदलाव लेकर आ सकता है।
शहर की पहचान लंबे समय से लकड़ी की बेहतरीन नक्काशी, टेक्सटाइल कारोबार और कृषि क्षेत्र से रही है, लेकिन बेहतर परिवहन व्यवस्था की कमी कारोबारियों के लिए बड़ी चुनौती थी। खासकर पूर्वी उत्तर प्रदेश और बिहार जैसे दूर के बाजारों तक सामान पहुंचाने में ट्रैफिक, जाम और कस्बाई रास्तों के कारण काफी समय लग जाता था। चलिए आपको बताते है इसस जुड़े सभी अहम जानकारी।
Gorakhpur Panipat Expressway की विशेषताएं
- इस प्रस्तावित एक्सप्रेसवे की लंबाई करीब 742 से 750 किलोमीटर बताई जा रही है, जिससे यह उत्तर प्रदेश के कई हिस्सों को जोड़ने वाला एक अहम परिवहन कॉरिडोर बन सकता है।
- शुरुआत में इसे 4 से 6 लेन की क्षमता के साथ विकसित करने की योजना है। भविष्य में ट्रैफिक और क्षेत्र की जरूरत बढ़ने पर इसे 8 लेन तक विस्तार देने की गुंजाइश भी रखी गई है।
- यह एक एक्सेस-कंट्रोल्ड ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे होगा। यानी वाहनों को कहीं से भी प्रवेश की अनुमति नहीं होगी, बल्कि निर्धारित एंट्री और एग्जिट पॉइंट के जरिए ही एक्सप्रेसवे पर आना-जाना संभव होगा। इससे तेज गति से चलने वाले वाहनों के लिए सफर अधिक सुगम और व्यवस्थित रहने की उम्मीद है।
- परियोजना के निर्माण में पुलों, फ्लाईओवर और रेलवे क्रॉसिंग को भी भविष्य की यातायात जरूरतों को ध्यान में रखते हुए तैयार करने की योजना है। इससे आगे चलकर लेन विस्तार के दौरान बड़े ढांचों में बदलाव की जरूरत कम हो सकती है।
- इसके अलावा, परियोजना में आपात स्थिति में रक्षा विमानों के इस्तेमाल के लिए विशेष रनवे की व्यवस्था का भी प्रावधान बताया जा रहा है। रणनीतिक दृष्टि से यह सुविधा देश के उत्तरी हिस्सों में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।
14 घंटे का सफर घटकर हो सकता है 7-8 घंटे
फिलहाल गोरखपुर से दिल्ली और हरियाणा की ओर सड़क मार्ग से जाने में करीब 12 से 14 घंटे या ट्रैफिक की स्थिति के अनुसार इससे भी अधिक समय लग सकता है। प्रस्तावित एक्सप्रेसवे के तैयार होने के बाद गोरखपुर से दिल्ली-NCR और हरियाणा की ओर यात्रा का समय लगभग 7 से 8 घंटे तक आने का अनुमान है। इसका सबसे बड़ा फायदा यह होगा कि पूर्वी यूपी से आने-जाने वाले यात्रियों को कई प्रमुख शहरों के भीड़भाड़ वाले रास्तों पर निर्भरता कम हो सकती है।
गोरखपुर-पानीपत एक्सप्रेसवे की लंबाई अलग-अलग रिपोर्टों में करीब 700 से 750 किलोमीटर बताई गई है। मौजूदा प्रस्ताव के अनुसार यह करीब 22 जिलों से होकर गुजरने वाला महत्वपूर्ण कॉरिडोर होगा। परियोजना के लिए भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया भी आगे बढ़ाई जा रही है। वहीं बिहार जाने वाले यात्रियों को भी सफर आसान हो जाएगा।
