Nashik News: महाराष्ट्र के नासिक की टीसीएस यानी टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज में हुए कांड ने सभी देशवासियों को हिलाकर रख दिया है। ‘India Today’ की एक रिपोर्ट के मुताबिक, मामले की जांच कर रही एसआईटी यानी विशेष जांच टीम के पास अब तक कई शिकायतें आ चुकी हैं। मगर अब तक किसी पर भी सटीक कार्रवाई नहीं हुई है। बताया जा रहा है कि किसी भी पीड़ित ने सामने आकर एफआईआर नहीं करवाई है। इसी बीच टीसीएस कंपनी की नासिक ब्रांच में एसोसिएट के तौर पर काम करने वाली एक कर्मचारी ने अपनी आपबीती से सभी को चकित कर दिया है।
नासिक मामले में पीड़िता ने बयां की भयावह आपबीती
रिपोर्ट में बताया गया है कि एक पीड़िता ने टीसीएस में अपने साथ हुए उत्पीड़न को लेकर कहा, जुलाई 2024 में टीसीएस में एक एसोसिएट के तौर पर काम शुरू किया था। उन्हें जरा भी अंदाजा नहीं था कि ऑफिस में अपने कार्यकाल के दौरान, उन्हें अपने देवी-देवताओं और अपने शरीर की बनावट व आकार को लेकर मजाक का सामना करना पड़ेगा।’ उन्होंने कहा, ‘हालांकि, यह हरकतें यहां पर बंद नहीं हुईं। एक दिन, गिरफ्तार आरोपियों में से एक, शफी शेख बगल में बैठ गया और निजी अंगों को छूने की कोशिश की। शफी ने हल्की-सी मुस्कान दी, अपनी आँखें घुमाईं और वहां से चला गया।’
नासिक टीसीएस केस में पांचवी पीड़िता ने बयां किया अपना दर्द
पीड़ित ने अपनी शिकायत में कहा, ‘नासिक केंद्र में काम करने का माहौल “डरावना” हो गया था, और साथ ही यह भी कहा कि आरोपी कर्मचारियों का एक समूह बिना किसी रोक-टोक के काम करता था और उन्हें वरिष्ठ अधिकारियों का संरक्षण प्राप्त था।’
बता दें कि पीड़िता उन एक दर्जन से अधिक महिलाओं में से एक हैं, जिन्होंने कार्यस्थल पर यौन उत्पीड़न और जबरन धर्म परिवर्तन का आरोप लगाते हुए शिकायतें दर्ज कराई हैं। वह सामने आने वाली पांचवी पीड़िता हैं। पीड़ितों की शिकायतों के आधार पर 9 एफआईआर दर्ज की गई हैं।
निदा खान को नहीं मिली अंतरिम सुरक्षा
उधर, नासिक टीसीएस की कर्मचारी निदा खान को गिरफ्तारी से अंतरिम सुरक्षा नहीं मिली। ऐसे में मंगलवार को एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने कहा, उनकी भूमिका कंपनी की नासिक यूनिट में कथित जबरदस्ती धर्म-परिवर्तन से जुड़ी है और उन्हें ढूंढ़ने की कोशिशें जारी हैं।






