UPI Payment: बीते कुछ दिनों से यूपीआई पेमेंट को लेकर कई प्रकार की चर्चाएं शामिल है। जिसने आम लोगों की टेंशन बढ़ा दी है। मालूम हो कि भारत में बच्चा से लेकर बुजुर्ग तक लगभग सभी यूपीआई पेमेंट का इस्तेमाल करते है। लेकिन कई तरह की खबरें सामने आ रही है कि यूपीआई पेमेंट पर चार्ज लगने जा रहा है।
हालांकि बीते दिन केंद्र सरकार की तरफ से यह साफ कर दिया गया था कि 2000 तक के पेमेंट पर किसी प्रकार का चार्ज नहीं लगेगा। वहीं अब सबसे बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि क्या 2000 से अधिक के भुगतान पर चार्ज देने होगा। चलिए आपको बताते है इससे जुड़ी सभी अहम जानकारी।
क्या 2000 से अधिक UPI Payment पर देना होगा चार्ज
वित्त मंत्रालय ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफार्म एक्स पर जानकारी देते हुए लिखा कि –
- UPI पीयर-टू-पीयर ट्रांज़ैक्शन और 96% मर्चेंट ट्रांज़ैक्शन के लिए मुफ़्त बना रहेगा।
- नए UPI फ़्रेमवर्क का व्यक्ति-से-व्यक्ति (P2P) ट्रांज़ैक्शन पर कोई असर नहीं पड़ेगा।
- सभी व्यक्ति-से-व्यक्ति ट्रांज़ैक्शन के लिए UPI पूरी तरह मुफ़्त रहेगा, चाहे कितनी भी रकम ट्रांसफर की जाए।
- मर्चेंट को ₹2,000 तक का पेमेंट और छोटे मर्चेंट के लिए ज़ीरो-MDR फ़्रेमवर्क के तहत आने वाले ट्रांज़ैक्शन भी मुफ़्त रहेंगे।
👉 UPI Continues to Remain Free for Peer to Peer Transactions and 96% of Merchant Transactions
👉 The new UPI framework introduced has no impact on any person to person transactions
👉 UPI will continue to remain completely free for all person-to-person transactions,… pic.twitter.com/lYVzehs6lU
— Ministry of Finance (@FinMinIndia) September 15, 2026
- नतीजतन, सभी P2M ट्रांज़ैक्शन में से लगभग 96% पर कोई असर नहीं पड़ेगा। MDR सिर्फ़ ₹2,000 से ज़्यादा के खास मर्चेंट ट्रांज़ैक्शन पर लागू होगा।
- यह साफ़ किया जाता है कि MDR न तो कोई टैक्स है और न ही सरकार या @NPCI_NPCI द्वारा वसूला जाने वाला कोई चार्ज है। इसे पेमेंट इकोसिस्टम में शामिल लोगों (जैसे बैंक और पेमेंट ऐप प्रोवाइडर) के बीच बांटा जाता है, ताकि UPI इकोसिस्टम के कामकाज और उसके लगातार विस्तार में मदद मिल सके।
आम लोगों पर कितना पड़ेगा असर?
सरकार द्वारा दी जानकारी के अनुसार 2000 हजार रूपये या उससे अधिक के पेमेंट पर यूजर्स को किसी प्रकार का चार्ज नहीं देना होगा। माना जा रहा है कि वित्त मंत्रालय के इस फैसले पर यूजर्स को किसी प्रकार की चार्ज नहीं देना होगा। इस लिहाज़ से यूपीआई पेमेंट पर इस तरह के चार्ज लगने का सीधे तौर पर आम उपभोक्ताओं पर कोई असर नहीं पड़ेगा। केंद्र सरकार के इस फैसले से आम लोगों को राहत मिलेगी।







