US-Tarrrif: मीडिल ईस्ट में जारी तनाव के बीच अब अमेरिकी राष्ट्रपति नया टैरिफ बम फोड़ने जा रहे है। जिससे भारत समेत दुनिया के कई देशों की टेंशन बढ़ गई है। बता दें कि जानकारी के मुताबिक डोनाल्ड ट्रंप भारत, चीन, पाकिस्तान समेत करीब 60 देशों पर अतिरिक्त टैरिफ लगाने की तैयारी कर रहे है।
रिपोर्ट्स के मुताबिक चीन और भारत पर अमेरिका 12.5 प्रतिशत का टैरिफ लगा सकता है। हालांकि भारत और अमोरिका के बीच व्यापार समझौते को लेकर लगातार बातचीत जारी है। हालांकि यह नया नहीं है इससे पहले भी अमेरिका लगातार देशों पर टैरिफ लगाता आया है, जबकि अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट की तरफ से इसे अवैध करार दिया गया था। आईए समझते है इससे मायने।
क्या है डोनाल्ड ट्रंप का टैरिफ प्लान?
अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि (USTR) द्वारा जारी प्रस्ताव के अनुसार, 60 अर्थव्यवस्थाओं से आने वाले कुछ उत्पादों पर 10% से 12.5% तक अतिरिक्त शुल्क लगाया जा सकता है। अमेरिका का दावा है कि इन देशों ने अपनी आपूर्ति श्रृंखलाओं में जबरन श्रम से जुड़े मुद्दों पर पर्याप्त कार्रवाई नहीं की है, जिससे अमेरिकी व्यापार को नुकसान पहुंच रहा है।
प्रस्तावित योजना के तहत कुछ देशों पर 10% और बाकी देशों पर 12.5% अतिरिक्त टैरिफ लगाने की बात कही गई है। हालांकि ऊर्जा, दवाइयों, दुर्लभ खनिजों और कुछ कृषि उत्पादों को छूट देने का भी प्रस्ताव है।
US tarrif पर भारत पर कितना पड़ेगा असर?
बताते चले कि भारत उन देशों में शामिल है जिनपर 12.5% अतिरिक्त टैरिफ लगाने का प्रस्ताव रखा गया है। जिसके बाद कई तरह के सवाल खड़े होना शुरू हो गए है कि भारत पर इसका क्या असर पड़ने वाला है? जानकारी के मुताबिक यदि यह प्रस्ताव लागू होता है तो भारतीय निर्यातकों, खासकर टेक्सटाइल, मैन्युफैक्चरिंग और कुछ उपभोक्ता वस्तुओं के निर्यात पर दबाव बढ़ सकता है। मालूम हो कि इससे पहले भी भारत पर अमेरिका की तरफ से टैरिफ बम फोड़ा गया था।






