Vande Bharat Sleeper Train: भारत में यात्रियों की यात्री सुखद और सुरक्षित बनाने के लिए भारतीय रेलवे( Indian Railway) हर संभव प्रयास कर रही है। इसी बीच देश की सैमी हाई स्पीड स्लीपर ट्रेन Vande Bharat Sleeper Train को गेमचेंजर के रूप में देखा जा रहा है। बता दें कि पहली ट्रेन का संचालन हावड़ा से पश्चिम बंगाल के बीच जारी है। सबसे खास बात है कि सुखद यात्रा के साथ-साथ ट्रेन के अंदर यात्रियों को स्थानीय और स्वादिष्ट व्यंजन परोसा जा रहा है। वहीं एक सवाल काफी महत्वपूर्ण बन गया है कि सोलो ट्रैवर्लस के लिए यह ट्रेन कितनी सुरक्षित है, खासकर महिलाओं, बुजुर्गों और बच्चों के लिए। आईए बताते है इससे जुड़ी जानकारी। वहीं कई अन्य रूटों पर इस ट्रेन का जल्द ही संचालन हो सकता है।
सोलो ट्रैवलर्स के लिए Vande Bharat Sleeper Train क्यों है गेमचेंजर
गौरतलब है कि ट्रेन में सोलो ट्रैवर्लस के लिए अभी भी यात्रा एक चिंता का विषय है, खासकर महिलाओं के लिए, लेकिन वंदे भारत स्लीपर ट्रेन सैफ्टी के लिहाज से कई काफी अहम है, क्योंकि ट्रेन के अंदर हाई-टेक सिक्योरिटी सिस्टम, ऑनबोर्ड सिक्योरिटी और स्टाफ, बेहतर प्राइवेसी और लॉकिंग सिस्टम, स्मार्ट लाइटिंग और इमरजेंसी अलर्ट, डिजिटल ट्रैकिंग और कनेक्टिविटी, साफ-सफाई और सुरक्षित माहौल शामिल है।
यानि अगर यात्री को किसी प्रकार की परेशानी होती है, तो उनके पास कई विकल्प है, ताकि स्थिति से निपटा जा सके। यह कहना गलत नहींं होगा कि सोलो ट्रैवलर्स एक सुरक्षित विकल्प साबित हो सकता है।
इन रूटो पर हो सकता है स्लीपर ट्रेन का संचालन
हावड़ा-गुवाहाटी रूट के बाद अब रेलवे कई रूटों पर इस ट्रेन को संचालने की योजना बना रही है। जानकारी के मुताबिक Vande Bharat Sleeper Train का संचालन दिल्ली-पटना, दिल्ली-अहमदाबाद, दिल्ली-भोपाल और दिल्ली-पटना-वाराणसी रूटों पर हो सकता है। हालांकि अधिकारिक तौर पर इसे लेकर किसी प्रकार की पुष्टि नहीं की गई है।
लेकिन माना जा रहा है कि इस साल के अंत तक 10 रूटों पर यह ट्रेन फर्राटा भर सकती है। इसके अलावा कई मायनों में यह ट्रेन खास है। इस ट्रेन को लंबी दूरी के लिए बनाया गया है, जो मुख्य रूप से 900-1200 किमी के दायरे में आए। वहीं यह ट्रेन अधिकतम 180 किलोमीटर प्रतिघंटे की रफ्तार से दौड़ सकती है।






