LPG Shortage: मध्य पूर्व की तनावपूर्ण स्थिति का असर देश में साफ तौर पर नजर आने लगा है। ग्रामीण इलाकों से लेकर शहरों तक में एलपीजी सिलेंडर के लिए अफरा-तफरी मची है। लोग गैस एजेंसियों पर पहुंचकर लंबी-लंबी कतारें लगा रहे हैं। एलपीजी शॉर्टेज का असर ये है कि इलेक्ट्रिक उपकरणों की बिक्री में जबरदस्त उछाल दर्ज किया गया है।
बाजारों में स्थित स्टोर से लेकर ऑनलाइन कॉमर्शियल साइट्स जैसे फ्लिपकॉर्ट, अमेजन तक से लोग राइस कुकर, इंडक्शन, केतली समेत अन्य इलेक्ट्रिक उपकरण खरीद रहे हैं। ये दर्शाता है कि एलपीजी शॉर्टेज से मची अफरा-तफरी ने किस हद तक देश को प्रभावित किया है। इसको लेकर लोगों को नई चुनौती का सामना करना पड़ रहा है।
इंडक्शन के साथ राइस कुकर, केतली की बढ़ी डिमांड!
देश के विभिन्न हिस्सों में लोग एलपीजी शॉर्टेज के इस दौर में विकल्पों की तलाश में जुट गए हैं। आलम ये है कि इंडक्शन के साथ राइस कुकर, केतली जैसी इलेक्ट्रिक उपकरणों की डिमांड बढ़ गई है। ऑनलाइन कॉमर्शिल साइट से लेकर स्टोर तक से लोग इलेक्ट्रिक उपकरण की खरीदारी कर रहे हैं। हैदराबाद से मुंबई, बेंगलुरु, पुणे, दिल्ली समेत तमाम बड़े शहरों में विकल्पों की तलाश जारी है।
कुछ मीडिया रिपोर्ट्स की मानें तो एलपीजी शॉर्टेज के इस दौर में इंडक्शन चूल्हों की मांग दुगनी से ज्यादा बढ़ गई है। इलेक्ट्रिक केतली भी सामान्य से अधिक बेची जा रही है। सभी कंपनियां अब उत्पादन पर जोर दे रही हैं। अमेजन इंडिया के प्रवक्ता ने स्पष्ट किया है कि इंडक्शन चूल्हों से लेकर तमाम इलेक्ट्रिक उपकरणों की बिक्री कई गुना बढ़ गई है। ये दर्शाता है कि देश में एलपीजी शॉर्टेज का असर किस हद तक पड़ा है।
ग्रामीण इलाकों से शहरों तक LPG Shortage के बीच एक्शन मोड में सरकार!
मिडिल ईस्ट में पसरे तनाव और ईरान पर लगातार जारी हमलों के बीच भारत में एलपीजी शॉर्टेज देखने को मिला है। कई शहरों में कॉमर्शियल गैस सिलेंडर की बिक्री प्रतिबंधित है। ग्रामीण इलाकों से लेकर शहरों तक में इसकी किल्लत साफ तौर पर नजर आ रही है। इस नाजुक स्थिति को देखते हुए सरकार एक्शन मोड में है। एसमा लागू कर घरेलू उपयोग के लिए गैस उत्पादन पर जोर दिया जा रहा है।
केन्द्र सरकार लगातार लोगों से अपील कर रही है कि धैर्य बनाए रखें और तय नियम-कानून के तहत घरेलू सिलेंडर प्राप्त करें। गैस एजेंसियों तक पर्याप्त मात्रा में घरेलू एलपीजी सिलेंडर की पहुंच सुनिश्चित की जा रही है। एचपीसीएल, बीपीसीएल और इंडियन ऑयल समेत तमाम संस्थाएं लगातार एलपीजी उत्पादन पर जोर दे रही हैं। सरकार लगातार स्थिति को नियंत्रित करने में जुटी है, ताकि लोगों को असुविधा न हो सके।






