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दो चरण, 33 सवाल और गलत जानकारी पर जुर्माना! पहले से कैसे भिन्न है आज से शुरू हो रहा Census? जरा भी चूक हुआ तो…

Census के पहले चरण की शुरुआत आज यानी 1 अप्रैल से हो चुकी है जो 30 सितंबर तक चलेगी। ये जनगणना दो चरणों में संपन्न होगी। इस दौरान लोगों से 33 सवाल पूछे जाएंगे। गलत जवाब देने वालों के खिलाफ सजा का प्रावधान भी है।

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By: Gaurav Dixit

Published: अप्रैल 1, 2026 12:33 अपराह्न

Census
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Census: नया वित्तिय वर्ष कई बदलावों के साथ शुरू हो चुका है। कहीं गैस सिलेंडर की कीमत बदली है, तो कहीं बैंक से जुड़े काम-काज नियम में बदलाव देखने को मिले हैं। इन तमाम बदलावों के बीच देश के अरबों लोगों के लिए 1 अप्रैल, 2026 का दिन खास है। आज से ही जनगणना 2027 की शुरुआत हो चुकी है।

आज से शुरू हो रहा सेंसस पहले के मुकाबले में काफी अलग है। इस जनगणना को दो चरण में पूरा किया जाएगा। इस दौरान लोगों से 33 सवाल पूछे जाएंगे, उनके जाति की जानकारी ली जाएगी। वहीं गलत जानकारी साझा करने वालों के लिए जुर्माना का भी प्रावधान है। ऐसे में लोगों से यदि जरा सी भी चूक हुई, तो उसका खामियाजा भुगतना पड़ेगा।

पूर्व में हुई जनगणना से कैसे भिन्न है Census 2027?

1 अप्रैल से शुरू हो चुकी जनगणना कई मायनों में अलग है। बारी-बारी से एक-पहलुओं पर बात करें तो बता दें कि ये सेंसस दो चरणों में संपन्न होगा। आज से 30 सितंबर के बीच जनगणना 2027 का पहला चरण चलेगा। इस दौरान मकान सूचीकरण एवं मकानों की गणना होगी।

मकानों की गणना के दौरान ही लोगों से 33 सवाल पूछे जाएंगे। इन 33 सवालों में घर की बनावट, परिवार के मुखिया, घर में उपलब्ध सुविधाएं और वाहन, खान-पान, शादीशुदा जोड़ों की संख्या, घर की स्थिति आदि प्रमुख होगी। इसके साथ ही जनगणना अधिनियम, 1948 का भी जिक्र है।

इसके तहत यदि कोई व्यक्ति सेंसस के तहत पूछे गए सवालों का जवाब नहीं देता है, या गलत जवाब देता है। ऐसी स्थिति में उस पर 1000 रुपए तक का जुर्माना लगाया जा सकता है। जनगणना का पहला चरण सितंबर 2026 में संपन्न होने के बाद फरवरी 2027 में इसके दूसरे चरण की शुरुआत होगी।

इस दौरान लोगों की गिनती की जाएगी। देशवासियों से उनकी जाति भी पूछा जाएगा जो सेंसर का हिस्सा होगा। देश की आजादी के बाद से हो रही 8वीं जनगणना पर लोगों की नजरें टिकीं है। पहले महज लोगों की गिनती कर जनगणना पूरी कर ली जाती थी। हालांकि, इस वर्ष तमाम बदलाव हुए हैं जो इस सेंसस को भिन्न बनाते हैं।

अधिकारियों पर भी नकेल कसने का प्रावधान!

आजाद भारत की 8वीं जनगणना के दौरान गलती करने वाले अधिकारियों पर भी नकेल कसने का प्रावधान है। गाइडलाइन के मुताबिक यदि कोई अधिकारी या कर्मचारी अपने दायित्वों का पालन नहीं करता है, या नियम के खिलाफ काम करता है, तो उसके लिए सजा का प्रावधान है।

ऐसी स्थिति में आरोप सिद्ध होने पर कर्मचारी को 1000 रुपए का जुर्माना या तीन साल की कारावास की सजा या दोनों दी जा सकती है। वहीं सेंसस के दौरान खिलवाड़ करने या गलत सवाल पूछने पर आरोपी के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई जा सकती है। ये सारे कदम सेंसस को सकुशल संपन्न कराने के लिए उठाए जा रहे हैं।

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Gaurav Dixit

गौरव दीक्षित पत्रकारिता जगत के उभरते हुए चेहरा हैं। उन्होनें चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय से अपनी पत्रकारिता की डिग्री प्राप्त की है। गौरव राजनीति, ऑटो और टेक संबंघी विषयों पर लिखने में रुची रखते हैं। गौरव पिछले दो वर्षों के दौरान कई प्रतिष्ठीत संस्थानों में कार्य कर चुके हैं और वर्तमान में DNP के साथ कार्यरत हैं।
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