---Advertisement---

मुगलों की ईंट से ईंट बजाने वाले Chhatrapati Sambhaji Maharaj की पुण्यतिथि! जानें कैसे ‘औरंगजेब’ को धूल चटाकर की थी धर्म की रक्षा?

Chhatrapati Sambhaji Maharaj उन वीर शासकों में से एक थे जिन्होंने मुगलों की ईंट से ईंट बजाई थी और धर्म की रक्षा करते हुए वीरगति को प्राप्त हो गए थे। छत्रपति संभाजी महाराज ने कई दफा मुगल शासक औरंगजेब को भी मात दिया था और उसके बिछाए जाल से बच निकले थे। अंतत: 11 मार्च 1689 को संभाजी महाराज ने धर्म की रक्षा करते हुए अपने प्राणों की आहुति दी थी।

Avatar of Gaurav Dixit

By: Gaurav Dixit

Published: मार्च 11, 2025 11:32 पूर्वाह्न

Chhatrapati Sambhaji Maharaj
Follow Us
---Advertisement---

Chhatrapati Sambhaji Maharaj: जिस औरंगजेब के नाम पर आज देश के सियासी गलियारों से लेकर विभिन्न चौक-चौराहों पर बहस छिड़ी है, उसे कभी छत्रपति संभाजी महाराज पटखनी दे चुके हैं। अतीत में जाएंगे तो हमारे वीर महानायक छत्रपति संभाजी महाराज के बारे में विस्तार से जान सकेंगे। वीर छत्रपति शिवाजी महाराज के सुपुत्र संभाजी महाराज की आज पुण्यतिथि मनाई जा रही है। इस अवसर पर हम आपको बताएंगे कि कैसे क्रूर शासक औरंगजेब की मुगल सेना Chhatrapati Sambhaji Maharaj के समक्ष थर्राने लगती थी। कैसे अपने जीवन के अंतिम क्षण तक धर्म की रक्षा करते हुए, मुंगलों की ईंट से ईंट बजाते हुए वीर संभाजी महाराज वीरगति को प्राप्त हुए थे।

मुगलों की ईंट से ईंट बजाने वाले Chhatrapati Sambhaji Maharaj की पुण्यतिथि!

अतीत के पन्ने पलाटेंगे तो वीर संभाजी महाराज की वीर गाथा नजर आएगी। छत्रपति संभाजी महाराज को विरासत में ही वीरता मिली थी। अदम्य साहस की बदौलत उन्होंने अंतिम क्षण तक धर्म की रक्षा की थी। 11 मार्च 1689 को बड़ी क्रूरता के साथ मुगल शासक औरंगजेब द्वारा उनकी हत्या की गई थी। इसके बाद से प्रति वर्ष 11 मार्च को Chhatrapati Sambhaji Maharaj की पुण्यतिथि मनाई जाती है। संभाजी महाराज की वीरता से घबराए औरंगजेब ने तीन लाख घुड़सवार और चार लाख पैदल सैनिकों के साथ उन पर हमला किया। हालांकि, मुगल सेना हर बार की तरह इस बार भी वीर मराठों और गुरिल्ला युद्ध के कारण विफल हो गई। कोंकण संभाग के संगमेश्वर के निकट भी जब संभाजी महाराज को ४०० सैनिकों के साथ घेरा गया, तो वे मुगलों पर टूट पड़े और उनी ईंट से ईंट बजाते हुए घेरा तोड़ कर निकल गए।

‘औरंगजेब’ को धूल चटाकर छत्रपति संभाजी महाराज ने की थी धर्म की रक्षा

मुखबीर न होते तो शायद संभाजी महाराज को पकड़ पाना औरंगजेब क्या, किसी भी मुगल शासक के बस की बात नहीं होती। हालांकि, मुखबीरी के चलते औरंगजेब की सेना ने छत्रपति संभाजी महाराज को रायगढ़ किले से पकड़ लिया। आलम ये था कि पकड़े गए संभाजी के पास मुगल भटक नहीं सकते थे। उन्हें बेड़ियों में जकड़ कर औरंगजेब के पास लाया गया। हालांकि, इससे पूर्व उन्होंने बारीकी से अपना काम कर दिया था। Chhatrapati Sambhaji Maharaj कई दफा औरंगजेब को पटखनी देकर मुगलों की ईंट से ईंट बजा चुके थे। हिंदुओं और हिंदू पूजा स्थलों की रक्षा के लिए संभाजी महाराज ने अंतिम क्षण तक अपनी लड़ाई जारी रखी और मुगलों को धूल चटाते रहे। छल-कपट से पकड़े जाने के बाद भी जब संभाजी महाराज पर धर्म परिवर्तन का दबाव बढ़ा, तो उन्होंने धर्म की रक्षा करते हुए मौत को गले लगा लिया और वीरगति को प्राप्त हो गए।

आज Chhatrapati Sambhaji Maharaj की पुण्यतिथि पर पूरा जगत उनकी वीरता के किस्से सांझा कर रहा है। सीएम देवेन्द्र फडणवीस, एकनाथ शिंदे, अजित पवार, सीएम योगी आदित्यनाथ समेत तमाम राजनीतिक हस्तियां भी संभाजी महाराज की वीरता को नमन करते हुए उन्हें श्रद्धा-सुमन अर्पित कर रही हैं।

Avatar of Gaurav Dixit

Gaurav Dixit

गौरव दीक्षित पत्रकारिता जगत के उभरते हुए चेहरा हैं। उन्होनें चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय से अपनी पत्रकारिता की डिग्री प्राप्त की है। गौरव राजनीति, ऑटो और टेक संबंघी विषयों पर लिखने में रुची रखते हैं। गौरव पिछले दो वर्षों के दौरान कई प्रतिष्ठीत संस्थानों में कार्य कर चुके हैं और वर्तमान में DNP के साथ कार्यरत हैं।
For Feedback - feedback@dnpnewsnetwork.com

Join WhatsApp

Join Now

Join Telegram

Join Now

Related News

Punjab News

फ़रवरी 27, 2026

Punjab News

फ़रवरी 27, 2026

Rashifal 28 February 2026

फ़रवरी 27, 2026

CM Bhagwant Mann

फ़रवरी 27, 2026

Rain Alert 28 Feb 2026

फ़रवरी 27, 2026

कल का मौसम 28 Feb 2026

फ़रवरी 27, 2026