CM Mohan Yadav: यह सच है कि राज्य और केंद्र सरकार की तरफ से लड़कियों को आत्मनिर्भर और जागरूक बनाने के लिए आए दिन अहम पहल की शुरुआत की जाती है। इस सबके बीच मध्य प्रदेश में सीएम मोहन यादव द्वारा कौशल प्रशिक्षण द्वारा बेटियों को आत्मनिर्भर बनाने की जिम्मेदारी ली गई है। इस पर काम किया जा रहा है। आइए जानते हैं मुख्यमंत्री की तरफ से इस नई पहल के पीछे का मकसद क्या है और यह किस तरह से काम कर रहा है। इससे कितने लोगों को लाभ मिला है इसके साथ ही सीएम मोहन यादव किन चीजों का खास ध्यान रख रहे हैं।
महिलाओं को विकसित करने के लिए इस तरह सीएम मोहन यादव है एकजुट
मध्यप्रदेश में कौशल प्रशिक्षण से आत्मनिर्भर बन रहीं बेटियां…
शासकीय आईटीआई में आधुनिक प्रशिक्षण और रोजगार के बेहतर अवसरों के माध्यम से बेटियों के भविष्य को मिल रही है नई दिशा@DrMohanYadav51 @mintechnicalmp @skilldevelopmp #CMMadhyaPradesh #MadhyaPradesh pic.twitter.com/kAITKPFq70
— Chief Minister, MP (@CMMadhyaPradesh) May 24, 2026
चीफ मिनिस्टर मध्य प्रदेश के अकाउंट से इस बारे में जानकारी दी गई है और उसके साथ ही लिखा गया कि मध्य प्रदेश में कौशल प्रशिक्षण से आत्मनिर्भर बन रही बेटियां। शासकीय आईटीआई में आधुनिक प्रशिक्षण और रोजगार के बेहतर अवसरों के माध्यम से बेटियों के भविष्य को नई दिशा मिल रही है। इसके साथ ही बताया गया कि मध्य प्रदेश के शासकीय आईटीआई में 35% सीट महिलाओं के लिए आरक्षित किए गए हैं। इसके साथ ही प्रदेश में 7 शासकीय महिला आईटीआई संचालित किए जा रहे हैं।
CM Mohan Yadav की पहल से महिलाओं को दी जा रही ट्रेनिंग और रोजगार
इसके साथ ही सीएम मोहन यादव की सरकार ने 56 शासकीय आईटीआई में महिला छात्रावास की सुविधा प्रदान की गई है। 71 आधुनिक ट्रेंड्स में ट्रेनिंग दी जा रही है जहां 15000 से ज्यादा महिलाएं प्रशिक्षणार्थी बनकर सीख रही है। कंप्यूटर ऑपरेटर एंड प्रोग्रामिंग असिस्टेंट, स्टेनोग्राफर हिंदी इलेक्ट्रीशियन जैसे ट्रेड में भागीदारी बन रही है। वहीं इस दौरान विशेष महिला प्लेसमेंट ड्राइव के माध्यम से 777 महिला प्रशिक्षणार्थी को रोजगार भी प्रदान किया गया है।
निश्चित तौर पर सीएम मोहन यादव के द्वारा जिस तरह से कौशल प्रशिक्षण के तहत महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने का काम किया जा रहा है वह विशेष सराहनीय है। यह समाज को विकसित करने की तरफ एक अहम पहल है।






