CM Yogi Adityanath: उत्तर प्रदेश सरकार शिक्षा के क्षेत्र में तेजी से कार्य कर रही है। जिसका असर देखने को मिल रहा है। शिक्षा से लेकर स्वास्थ्य तक और रोजगार से लेकर विकास तक हर क्षेत्रों में लोगों को फायदा पहुंच रहा है। इसी बीच उत्तर प्रदेश सरकार की महत्वाकांक्षी पहल- ‘अटल आवासीय विद्यालयों ने इतिहास रच दिया है। बता दें कि हाल ही में सीबीएसई ने 10वीं के नतीजे जारी किए थे। अटल आवासीय विद्यालयों में पढ़ने वाले छात्रों ने परीक्षा में 93.15 परिणाम हासिल किया है।
जो अपने आप में एक बड़ी उपलब्धि है। सबसे खास बात उत्तर प्रदेश अटल आवासीय विद्यालय योजना के माध्यम से श्रमिकों के बच्चों को शिक्षा से संबंधित सभी प्रकार की सुविधाएं प्रदान की जाएंगी जो जवाहर नवोदय विद्यालय द्वारा छात्राओं को प्रदान की जाती हैं। इस योजना से राज्य के सभी अनाथ और मजदूरों के बच्चों को लाभ मिलेगा।
शिक्षा के क्षेत्र में CM Yogi Adityanath सरकार का नया कीर्तिमान
यूपी सरकार ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफार्म एक्स पर शिक्षा से जुड़ी एक अहम जानकारी साझा की है, जो कई मायनों में एक बड़ी उपलब्धि है। दी जानकारी के अनुसार उत्तर प्रदेश सरकार की महत्वाकांक्षी पहल- ‘अटल आवासीय विद्यालयों’ के विद्यार्थियों ने प्रथम CBSE बोर्ड परीक्षा (कक्षा 10) में उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए ऐतिहासिक सफलता अर्जित की है।
उत्तर प्रदेश सरकार की महत्वाकांक्षी पहल- ‘अटल आवासीय विद्यालयों’ के विद्यार्थियों ने प्रथम CBSE बोर्ड परीक्षा (कक्षा 10) में उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए ऐतिहासिक सफलता अर्जित की है। pic.twitter.com/NLzBn0ipVT
— Government of UP (@UPGovt) April 16, 2026
अटल आवासीय छात्रों की प्रथम सीबीएसई बोर्ड 10वीं की परीक्षा में 93.15 परिणाम आए। इसके साथ ही वाराणसी व प्रयागराज में शत प्रतिशत परिणाम। 50+ छात्रों को 90 प्रतिशत से अधिक अंक व लगभग। 250 छात्रों को 80 से 90 प्रतिशत के बीच अंक मिले। निराश्रित एवम निर्माम श्रमिकों के बच्चों को गुणवत्तापूर्ण एवं आवासीय शिक्षा को लाभ मिल रहा है।
क्या है यूपी सरकार की अटल आवासीय विद्यालय योजना
अटल आवासीय विद्यालय योजना उत्तर प्रदेश सरकार की एक महत्वपूर्ण पहल है, जिसका उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर और श्रमिक परिवारों के बच्चों को मुफ्त, गुणवत्तापूर्ण और आवासीय शिक्षा प्रदान करना है। इस योजना के खासियत की बात करें तो आमतौर र इन स्कूलों में आमतौर पर कक्षा 6 से 12 तक की पढ़ाई कराई जाती है।
छात्रों को रहने, खाने, पढ़ने, यूनिफॉर्म और अन्य सुविधाएं पूरी तरह मुफ्त दी जाती हैं। इसका मुख्य उद्देश्य गरीब और जरूरतमंद बच्चों को बेहतर शिक्षा देना। उन्हें मुख्यधारा से जोड़ना। और भविष्य में अच्छे करियर के अवसर उपलब्ध कराना है।
