Cyclone Murasu: अभी देश के कई कोने में चक्रवात अरनव का तांडव देखने को मिला था लेकिन इस सब के बीच एक और गंभीर तूफान ने भयंकर बवाल मचा दिया है। जी हां हम बात कर रहे हैं साइक्लोन मुरासु की जिसकी वजह से अफरातफरी मच गई है। दिल दहला देने वाली हवा की रफ्तार ने लोगों की जिंदगियों को मानो रोक रही है और इसकी वजह से ट्रेन से लेकर उड़ाने तक रद्द हुई है। मंगलवार को आंध्र प्रदेश के तट पर चक्रवात का लैंडफॉल बताया जा रहा है। आइए जानते हैं पूरी खबर डिटेल्स में क्या है और मौसम विभाग की तरफ से क्या जानकारी दी गई है।
चक्रवाती तूफान की वजह से लोगों की जिंदगियां हुई अस्त व्यस्त
मौसम विभाग की माने तो साइक्लोन मुरासु रात करीब 1 बजे प्रकाशम जिले में ओंगोल के पास तट को पार करते हुए आगे बढ़ा। बताया जा रहा है कि इस दौरान हवा की रफ्तार 120 किलोमीटर प्रति घंटे रही है। तूफ़ान नेल्लोर और नरसपुर के बीच, ओंगोल के दक्षिण में पश्चिम-मध्य बंगाल की खाड़ी को पार करते हुए गुजरा। वहीं चक्रवात के खतरे को देखते हुए आंध्र प्रदेश और उड़ीसा में प्रशासन की तरफ से बचाव और सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए जा रहे हैं। बताया जा रहा है कि 2000 से ज्यादा लोगों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया गया।
देखें Cyclone Murasu की वजह से सख्ती
कुदरत के कहर से निपटने के लिए एनडीआरएफ (NDRF), ODRAF और दमकल विभाग की टीमों को तैयार रखा गया था। बताया जा रहा है कि करीब 30000 लोगों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचने की प्लानिंग थी। उड़ीसा में 1.6 लाख लोगों को सुरक्षा प्रदान किया गया। आंध्र प्रदेश के कई स्थानों पर भारी बारिश की वजह से अफरातफरी मची हुई है और मौसम विभाग ने सतर्क रहने के लिए कहा। प्रभाव को देखते हुए आसपास के कई इलाकों से लगभग 30 घरेलू उड़ान को रद्द किया गया तो वही लगभग 9 ट्रेनों को कैंसिल किया गया है।
क्या दी गई है IMD की तरफ से चेतावनी
इसके साथ ही साइक्लोन को देखकर आईएमडी ने तटीय इलाकों में डेढ़ मीटर तक ऊंची तूफानी लहरें उठने की चेतावनी दी है। मछुआरों को समुद्र से दूर रहने की सलाह दी है क्योंकि इसकी वजह से जान-माल का काफी नुकसान हो सकता है।







