सिर्फ कांग्रेसी नहीं, BJP के भी नेता थे D Sudhakar, किसानों और पिछड़े वर्गों के मुद्दों को उठाने वाले मसीहा के जाने से कर्नाटक में शोक की लहर

D Sudhakar: कर्नाटक कांग्रेस के वरिष्ठ नेता डी सुधाकर का रविवार को बेंगलुरु में इंतकाल हो गया। कर्नाटक के उपमुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार ने अफसोस प्रकट किया।

D Sudhakar

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D Sudhakar: रविवार को कर्नाटक कांग्रेस में उस वक्त हड़कंप मचा गया, जब खबर आई कि कर्नाटक के योजना और सांख्यिकी मंत्री डी. सुधाकर का निधन हो गया। जानकारी के मुताबिक, पिछले एक महीने से उनका बेंगलुरु स्थित केआईएमएस यानी कृष्णा इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज के आईसीयू यानी इंटेंसिव केयर यूनिट में इलाज चल रहा था। केआईएमएस के मेडिकल डायरेक्टर डॉ. आर. चिन्नादुरई ने कहा, ’66 वर्षीय डी सुधाकर को 10 मई को सुबह करीब 3:15 बजे कृष्णा इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज इलेक्ट्रॉनिक सिटी में मृत घोषित कर दिया गया।’

डी सुधाकर के निधन पर कर्नाटक के उपमुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार ने जताया अफसोस

कर्नाटक के उपमुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार ने डी सुधाकर के निधन पर गहरा शोक व्यक्त किया। उन्होंने कहा, ‘यह खबर सुनकर मुझे गहरा दुख हुआ है कि हमारे कैबिनेट सहयोगी और मेरे प्रिय मित्र, डी. सुधाकर, जो अपनी बीमारी का इलाज करवा रहे थे, आज इस दुनिया को अलविदा कह गए। हिरियूर के विधायक, चित्रदुर्ग जिले के प्रभारी मंत्री और राज्य के योजना एवं सांख्यिकी मंत्री के तौर पर, डी. सुधाकर एक ऐसे नेता थे जिनके मन में लोगों के लिए गहरी चिंता थी। गरीबों के मसीहा के रूप में जाने जाने वाले सुधाकर जब भी मुझसे मिलने आते थे, तो वे हमेशा अपने निर्वाचन क्षेत्र में किसी न किसी विकास कार्य से जुड़ी कोई न कोई गुहार जरूर साथ लाते थे। उनका यह गुण निर्वाचन क्षेत्र के लोगों के प्रति उनके असीम प्रेम को दर्शाता था।’

कर्नाटक कांग्रेस प्रमुख ने आगे कहा, ‘सुधाकर का अपने परिवार, रिश्तेदारों और अनगिनत समर्थकों को पीछे छोड़कर चले जाना आज एक ऐसी क्षति है जिसकी भरपाई कभी नहीं हो सकती। मैं ईश्वर से प्रार्थना करता हूँ कि वे डी. सुधाकर की आत्मा को चिर शांति प्रदान करें और उनके परिवार को इस दुख को सहने की शक्ति दें। ॐ शांति।’

डी सुधाकर सिर्फ कांग्रेस के नहीं, बीजेपी के भी नेता रहे

आपकी जानकारी में इजाफा करने के लिए बता दें कि डी. सुधाकर मूल रूप से चल्लाकेरे के रहने वाले थे और जैन समुदाय से संबंध रखते थे। 28 मार्च, 1961 को जन्मे सुधाकर व्यवसायी दशरथय्या और कंचनमाला के तीसरे पुत्र थे। बी.कॉम की डिग्री हासिल करने के बाद उन्होंने राजनीति में कदम रखा।

वे हिरीयूर से कांग्रेस के मौजूदा विधायक और चित्रदुर्ग डीसीसी बैंक के अध्यक्ष थे। वे पहली बार 2004 में चल्लाकेरे विधानसभा क्षेत्र से विधायक चुने गए थे। बाद में, जब चल्लाकेरे एक आरक्षित क्षेत्र बन गया, तो वे 2008 में हिरीयूर क्षेत्र में चले गए और एक स्वतंत्र उम्मीदवार के तौर पर चुनाव जीत गए।

साल 2013 में, वे हिरियूर निर्वाचन क्षेत्र से कांग्रेस विधायक के रूप में चुने गए थे। कुल मिलाकर वे चार बार विधायक रहे और हिरियूर क्षेत्र में किसानों तथा पिछड़े वर्गों के मुद्दों को उठाने के लिए जाने जाते थे। राजनीतिक रूप से दिलचस्प बात यह है कि उन्होंने अपने करियर में कांग्रेस और भाजपा दोनों के साथ काम किया था, हालांकि, भाजपा में रहने की अवधि बहुत लंबी नहीं मानी जाती और वे मुख्य रूप से कांग्रेस नेता के रूप में ही पहचाने जाते थे। बाद में वे फिर कांग्रेस में लौट आए थे।

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