Anurag Dhanda: ‘कार्ड बनाने के नाम पर सैकड़ों करोड़ ..,’ सहेली पिंक स्मार्ट कार्ड योजना पर आप नेता के सवाल; शासन पर लगाए आरोप

आप नेता Anurag Dhanda ने दिल्ली में शुरू हुई सहेली पिंक स्मार्ट कार्ड योजना का जिक्र कर सरकार को निशाने पर लिया है। अनुराग ढ़ांडा ने कार्ड के नाम पर खर्च हुए करोड़ों रुपए का जिक्र कर भ्रष्टाचार के आरोप लगाए हैं।

Anurag Dhanda

Picture Credit: गूगल (सांकेतिक तस्वीर)

AnuragDhanda: राजधानी दिल्ली में महिलाओं की फ्री बस यात्रा को लेकर एक अपडेट सामने आया है। दिल्ली सरकार ने इस क्रम में सहेली पिंक स्मार्ट कार्ड योजना की शुरुआत की है। इसको लेकर आप नेता अनुराग ढ़ांडा ने गंभीर सवाल उठाए हैं। अनुराग ढ़ांडा ने नई योजना के तहत पिंक कार्ड बनाने के लिए कंपनी को किए गए सैकड़ों करोड़ रुपए के भुगतान पर सवाल उठाए हैं। इस दौरान आप नेता दिल्ली सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। अनुराग ढ़ांडा ने साफ-साफ शब्दों में मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता का जिक्र कर पूछा है कि इस घोटाले की जांच कब होगी।

सहेली पिंक स्मार्ट कार्ड योजना पर Anurag Dhanda के सवाल

आप नेता अनुराग ढ़ांडा ने दिल्ली में शुरू हुई सहेली पिंक स्मार्ट कार्ड योजना को लेकर सरकार पर सवाल उठाए हैं।

अनुराग ढ़ांडा के आधिकारिक एक्स हैंडल से पोस्ट जारी कर लिखा गया है कि “महिलाओं के लिए फ्री बस यात्रा तो अरविंद केजरीवाल ने सालों पहले शुरु कर दी थी। सोचो अब ये पिंक कार्ड क्या बताएगा कि जिसके पास कार्ड है वो महिला है? वो तो बैसे भी पता है। कोई पुरुष ये पिंक कार्ड लेकर फ्री यात्रा थोड़ी न कर सकता है। तो फिर कार्ड बनाने के नाम पर एक कंपनी को सैकड़ों करोड़ क्यों दिए जा रहे हैं? रेखा गुप्ता के इस घोटाले की जांच कब होगी?” अनुराग ढ़ांडा की इस तल्ख प्रतिक्रिया को लेकर खूब खबरें बन रही हैं।

क्या है दिल्ली सरकार की नई पिंक कार्ड स्कीम?

दरअसल, दिल्ली सरकार द्वारा बीते कल सहेली पिंक स्मार्ट कार्ड स्कीम की शुरुआत की गई। इस नई योजना के तहत कार्ड धारण करने वाली महिलाओं को डीटीसी बसों में फ्री सफर की सुविधा मिलेगी। सहेली पिंक स्मार्ट कार्ड योजना का उद्देश्य मेट्रो और RRTS में यात्रा को सहज बनाना है। हालांकि, दिल्ली में पहले भी महिलाओं को मुफ्त बस यात्रा की सुविधा मिलती रही है। इसी को लेकर अनुराग ढ़ांडा राजधानी की सरकार पर हमलावर हैं और पिंक कार्ड जारी करने के नाम पर खर्च हुए सैकड़ों करोड़ रुपए को लेकर सवाल उठा रहे हैं।

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