Namo Bharat Train: दिल्ली-गाजियाबाद-मेरठ आरआरटीएस कॉरिडोर के बाद अब कई रूटों पर नमो भारत ट्रेनों को चलाने पर विचार किया जा रहा है। वहीं अब खबर सामने आ रही है कि दिल्ली-बावल आरआरटीएस कॉरिडोर को मंजूरी मिल गई है। जो दिल्ली से हरियाणा और राजस्थान की कनेक्टिविटी बढ़ाएगा। सबसे खास बात है कि इससे रेवाड़ी से दिल्ली की दूरी काफी कम हो जाएगी, बता दें कि अभी दिल्ली से रेवाड़ी जाने में 3 से 3.5 घंटे का समय लगता है, लेकिन नमो भारत ट्रेन के चलने से दूरी कुछ मिनटों की रह जाएगी। गौरतलब है कि प्रतिदिन बड़ी संख्या में लोग रेवाड़ी से काम के सिलसिले से आते है। चलिए आपको बताते है इसका रूट और इससे जुड़ी अहम जानकारी।
दिल्ली बावल आरआरटीएस कॉरिडोर को मिली मंजूरी
राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में हाई-स्पीड क्षेत्रीय रेल कनेक्टिविटी के विस्तार की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए, केंद्रीय आवास और शहरी मामलों के मंत्रालय ने दिल्ली-बावल आरआरटीएस कॉरिडोर के निर्माण को मंजूरी दे दी है, जिससे गुरुग्राम जिले के धारूहेरा तक ही मार्ग प्रस्तावित करने वाली पिछली योजना में संशोधन किया गया है।
इस मंजूरी से महत्वाकांक्षी दिल्ली-अलवर नमो भारत परियोजना का रणनीतिक पुनर्गठन हुआ है, जिसके तहत अब बावल को हरियाणा में पहले चरण के टर्मिनल के रूप में नामित किया गया है। अधिकारियों ने पुष्टि की है कि संशोधित संरेखण को अब केंद्र से औपचारिक मंजूरी मिल गई है, जिससे तेजी से कार्यान्वयन और व्यापक क्षेत्रीय लाभ का मार्ग प्रशस्त हुआ है।
Namo Bharat Train का क्या होगा रूट?
बता दें कि दिल्ली बावल आरआरटीएस कॉरिडोर की बात करें तो कुल दूरी लगभग 92–93 किमी होगी, जिसमें दिल्ली का हिस्सा लगभग 20-22 किमी और हरियाणा का बाकी हिस्सा लगभग 70 किमी के आस-पास रहने का अनुमान है। सराय काले खां, गुरुग्राम, मानेसर, एमबीआईआर, आईएमटी बावल, धारूहेड़ा, रेवाड़ी शामिल है। आगे की योजनाओं में इस रूट को अलवर, राजस्थान तक विस्तारित करने की भी बात चल रही है, जो पूरे एनसीआर को एक लंबी स्पाइन से जोड़ेगा।
रूट में अनुमानतः लगभग 16-22 स्टेशन होंगे (फेज-1 तक), अधिकांश स्टेशन उद्योगिक/शहरी केंद्रों जैसे मानेसर, रेवाड़ी इत्यादि के पास होंगे। इस कॉरिडोर पर शुरुआती चरण में लगभग 16 से 22 स्टेशन प्रस्तावित हैं। साथ ही, कई स्टेशनों पर मेट्रो और रेलवे से इंटरचेंज की सुविधा भी मिलेगी। जहां अभी दिल्ली से बावल पहुंचने में सड़क मार्ग से 2.5 से 3 घंटे लग जाते हैं, वहीं आरआरटीएस शुरू होने के बाद यह सफर लगभग 60 मिनट में पूरा हो सकेगा।
