Delhi Pollution: क्या पराली और धुएं के डबल अटैक से राजधानी बनी ‘गैस चैंबर’! AQI 400 पार, जानलेवा हवा ने सांस लेना किया मुश्किल

Delhi Pollution: हवा की स्थिति बद से बदतर होती जा रही है। ऐसे में क्या पराली और उड़ने वाली धूल इसके लिए जिम्मेदार है। आइए जानते हैं इसे लेकर रिपोर्ट्स में क्या कहा गया है और इसके पीछे की पूरी वजह क्या है।

Delhi Pollution

Photo Credit- Google Delhi Pollution

Delhi Pollution: राष्ट्रीय राजधानी में हवा की स्थिति लगातार खराब हो रही है जहां औसत एक्यूआई लेवल 368 दर्ज किया गया है। इतना ही नहीं कुछ इलाकों में 400 के पर भी यह देखा गया है जो खराब स्थिति माना जाता है। निश्चित तौर पर इसकी वजह से अफरातफरी मची हुई है क्योंकि राष्ट्रीय राजधानी में लोगों के लिए सांस लेना भी मुश्किल हो गया है। कई इलाकों में जैसे जहांगीरपुरी आईआईटी दिल्ली में AQI लेवल 444 के पार पहुंच चुका है। इसके लिए क्या धुआं और पराली जिम्मेदार है। आइए जानते हैं डिटेल्स में क्या कहा गया है।

कौन है प्रदूषण फैलाने में जिम्मेदार

बताया जा रहा है कि दिल्ली पॉल्यूशन बढ़ने की वजह गाड़ियों से निकलने वाला धुआं है और 15.5 प्रतिशत यह जिम्मेदार है। उसके अलावा खेतों में पराली जलाना भी 20.2% प्रदूषण को फैला रहा है। फैक्ट्री और उद्योग का धुआ(2.9%), कचरा जलाना (1.3%), कंस्ट्रक्शन का काम (2.2%), सड़क की धूल (1.1%) जिम्मेदार है। इन सभी चीजों की वजह से दिल्ली पॉल्यूशन का स्तर लगातार बढ़ रहा है।

पराली को लेकर शॉकिंग आंकड़े

इतना ही नहीं कहा जा रहा है कि दिल्ली के आसपास के राज्यों में पराली जलने की वजह से हवा की स्थिति और भी खराब हो रही है। जहां बताया जा रहा है कि कई राज्यों में 467 जगह खेतों में आग लगाए गए हैं। वहीं लगभग दो महीने में 4800 से ज्यादा मामले सामने आए हैं।

Delhi Pollution पर रोक लगाने के लिए सख्ती

सरकार की तरफ से प्रदूषण पर लगाम लगाने के लिए ‘ग्रेप’ (GRAP) नियम का दूसरा चरण लागू कर दिया गया है। सड़कों पर मशीनों से धूल साफ की जा रही है जगह पर पानी का छिड़काव किया जा रहा है ताकि धूल ना रहे। वहीं कंस्ट्रक्शन के काम को लेकर कड़े नियमों का पालन किया जा रहा है। ऐसे में देखना खास है कि दिल्ली पॉल्यूशन पर किस तरह से लगाम लगाया जाता है।

 

 

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