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Galgotias University की एक और करतूत! चीनी रोबोडॉग के बाद थर्माकोल से बना ड्रोन मॉडल प्रदर्शित कर पिटवाई भद्द, जमकर हुई ट्रोलिंग

Galgotias University

Picture Credit: सोशल मीडिया

Galgotias University: वैश्विक स्तर पर भारत को शर्मसार करने वाली गलगोटिया यूनिवर्सिटी का एक और कारनामा सामने आया है। कथित रूप से गलगोटिया के छात्रों ने भारत मंडपम में आयोजित एआई इम्पैक्ट समिट 2026 में ऐसा प्रोजेक्ट प्रदर्शित किया है। जो विश्वविद्यालय को कटघरे में खड़ा कर रहा है।

गलगोटिया यूनिवर्सिटी की ओर से थर्माकोल से बने और रबड़ से बंधे एक ड्रोन प्रदर्शित किए जाने की खबर है। इससे जुड़ा वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल है। पहले गलगोटिया यूनिवर्सिटी द्वारा चीनी रोबोडॉग और अब थर्माकोल से बना ड्रोन प्रदर्शित करना नए सिरे से फजीहत का कारण बना है। यूजर्स जमकर इसकी आलोचना कर रहे हैं।

चीनी रोबोडॉग के बाद Galgotias University का एक और कारनामा!

नामी शिक्षण संस्थान गलगोटिया यूनिवर्सिटी के सितारे अनुकूल नहीं हैं। यही वजह है कि यूनिवर्सिटी की फजीहत पहले रोबोडॉग को लेकर हुई और अब थर्माकोल से बना एक ड्रोन सुर्खियों में है। खबरों की मानें तो गलगोटिया यूनिवर्सिटी के छात्रों द्वारा थर्माकोल से बना और रबड़ से बंधा एक ड्रोन इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट 2026 में प्रदर्शित किया गया।

न्यूज पिंच नामक एक्स हैंडल से इससे जुड़ा वीडियो देखा जा सकता है। वायरल वीडियो में ड्रोन रबड़ से बंधा नजर आ रहा है। इस प्रोजेक्ट को देख गलगोटिया यूनिवर्सिटी की खूब फजीहत हो रही है। पहले रोबोडॉग प्रकरण में अपनी फजीहत करा चुकी गलगोटिया यूनिवर्सिटी ने मानों थर्माकोल वाला ड्रोन प्रदर्शित कर भद्द पिटवाई है। इसे चौथी कक्षा का प्रोजेक्ट बताते हुए यूजर्स जमकर उपहास उड़ा रहे हैं।

गलगोटिया यूनिवर्सिटी की करतूत से ग्लोबल फजीहत!

चीनी रोबोडॉग को एआई समिट में प्रदर्शित कर गलगोटिया विश्वविद्यालय ने भारत की ग्लोबर फजीहत कराई है। चीन में भी गलगोटिया परिवार के इस कृत्य की आलोचना हो रही है। शिक्षण संस्थान से जुड़ी प्रोफेसर नेहा सिंह भी इस प्रकरण को लेकर चर्चा मे हैं। पहले उन्होंने चीनी रोबोडॉग को गलगोटिया के छात्रों का काम बताया और फिर फजीहत देख डिफेंड करने लगीं।

नेहा सिंह अब लोगों पर विश्वविद्यालय की छवि खराब करने का आरोप लगा रही हैं। हालांकि, बात काफी आगे निकल चुकी है और वैश्विक मंच पर गलगोटिया यूनिवर्सिटी की चर्चा है। विश्वविद्यालय चाहें जितने तर्क गढ़ ले, लेकिन दुनिया देख चुकी है कि कैसे एक चीनी रोबोडॉग को एआई समिट में प्रदर्शित कर श्रेय लेने की पूरी कोशिश की गई है। इसके बाद थर्माकोल से बना ड्रोन कुशलता पर भी सवाल खड़ा कर रहा है।

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