JNU Protest: दिल्ली स्थित जेएनयू एक बार फिर चर्चा में बना हुआ है। साबरमती हॉस्टल के बाहर कुछ लोगों ने एक बार फिर भारत विरोधी नारे लगाए। जिसके बाद बीजेपी के कई नेताओं ने इसपर अपनी कड़ी प्रतिक्रिया दी है। बता दें कि बीते दिन सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली दंगे के आरोपी उमर खालिद और देशद्रोह के आरोपी शरजील इमाम को जमानत देने से इंकार कर दिया था। जिसके बाद बीती रात उनके समर्थन में कुछ लोगों ने भारत विरोधी नारे लगाए। इसके अलावा वीडियो में कुछ लोग मोदी-शाह तेरी कब्र खुदेगी की नारे लगाते हुए नजर आ रही है। अब इसे लेकर बीजेपी नेता प्रदीप भंडारी ने इस मामले पर अपनी प्रतिक्रिया दी है। चलिए आपको बताते है इससे जुड़ी सभी अहम जानकारी।
उमर खालिद के समर्थन में आधी रात जेएनयू में मचा बवाल
सोशल मीडिया पर कई वीडियो वायरल हो रहे है, जहां जेएनयू में कुछ लोग देश विरोधी नारे लगा रहे है। इसके अलावा वह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह पर विवादित टिपप्णी करते हुए नजर आ रहे है। जानकारी के मुताबिक यह नारेबाजी उमर खालिद और शरजील इमाम के समर्थन में लगाई गई थी, क्योंकि बीते दिन सुप्रीम कोर्ट ने दोनों को जमानत देने से इंकार कर दिया था। हालांकि यह नया नहीं है। इससे पहले भी कई बार जेएनयू में देश विरोधी नारे लगाए जा चुके है। वहीं अब इस मामले पर बीजेपी के कई नेताओं ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है।
बीजेपी नेता प्रदीप भंडारी के ट्वीट से मच बवाल – JNU Protest
बीजेपी नेता प्रदीप भंडारी ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफार्म एक्स पर लिखा कि “मोदी शाह की कब्र खोदेगी जेएनयू की धरती पर” शहरी नक्सलियों ने राष्ट्रविरोधी उमर खालिद और शरजील इमाम के समर्थन में देर रात जेएनयू के साबरमती हॉस्टल के बाहर प्रदर्शन किया।
यह विरोध नहीं, बल्कि भारत विरोधी विचारधारा का दुरुपयोग है! बौद्धिक आतंकवादी शिक्षाविद, डॉक्टर या इंजीनियर भी हो सकते हैं”।
केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने भी खोला मोर्चा
कल जेएनयू परिसर में प्रधानमंत्री मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के खिलाफ कथित नारेबाजी पर केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने कहा कि “जेएनयू ‘टुकड़े-टुकड़े गिरोह’ और राहुल गांधी जैसे राष्ट्रविरोधी मानसिकता वाले लोगों का अड्डा बन गया है, चाहे वे आरजेडी, टीएमसी या वामपंथी दलों से हों।
उन्हें यह नहीं भूलना चाहिए कि यह भारत है, यह 21वीं सदी का नरेंद्र मोदी का भारत है। विवेकानंद ने कहा था कि भगवा रंग की जीत होगी। मैं ‘टुकड़े-टुकड़े गिरोह’ को बताना चाहता हूं कि उमर खालिद और शरजील इमाम जैसे लोगों का समर्थन करने वाले, जिन्होंने पाकिस्तान समर्थक भावनाएं रखीं और चिकन नेक कॉरिडोर को अलग करने की बात की, वे गद्दार हैं।” हालांकि अब देखना होगा कि आगे ऐसे लोगों पर कौन सी कार्रवाई की जाएगी।






