Gyanesh Kumar: मुख्य चुनाव आयुक्त को लेकर राजनीति लगातार गर्म है और इसे लेकर विपक्ष लगातार एकजुट है। जंतर मंतर पर विरोध प्रदर्शन भले ही फ्लॉप हो गया हो लेकिन इस सब के बीच ज्ञानेश कुमार के खिलाफ इंडिया ब्लॉक और कांग्रेस नेता राहुल गांधी सुप्रीम कोर्ट तक मार्च निकालने और सीजेआई को ज्ञापन रोकने की प्लानिंग की थी। इस मामले में अब मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत ने किसी भी तरह की कोई भी बैठक करने से मना कर दिया है जो निश्चित तौर पर विपक्ष के लिए किसी झटके से कम नहीं है।
ज्ञानेश कुमार को लेकर क्या थी राहुल गांंधी की प्लानिंग
ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे और मतदाता सूची की जांच की मांग को लेकर कांग्रेस और विपक्षी दल लगातार विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। राहुल गांधी के नेतृत्व में विपक्षी नेताओं ने राष्ट्रपति भवन तक मार्च किया था और राष्ट्रपति को 10 नेताओं के प्रतिनिधिमंडल के साथ अपना ज्ञापन सौंपा था। इसके बाद राहुल गांधी ने घोषणा की थी कि वे सुप्रीम कोर्ट के CJI को भी इसकी जानकारी देंगे और ज्ञापन सौंपेंगे लेकिन अब सूर्यकांत ने ईमेल के जरिए इसका जवाब दिया है।
CJI ने विपक्ष के खिलाफ दिखा दिया सख्त रुख
रिपोर्ट के मुताबिक कहा जा रहा है कि सीजेआई के द्वारा ईमेल भेजकर बताया गया कि SIR जैसे मुद्दों पर पहले ही सुप्रीम कोर्ट के समक्ष चर्चा है। ऐसे में प्रशासनिक रूप से बैठक कर चर्चा करना संवैधानिक और कानूनी सिद्धांतों के अनुसार उचित नहीं होगा। संविधान के नियमों के मुताबिक सुप्रीम कोर्ट कार्यपालिका या प्रशासनिक कामकाज के मामलों में हस्तक्षेप नहीं कर सकता। विपक्ष से कहा गया कि वे अदालत का दरवाजा खटखटाना के लिए पूरी तरह से स्वतंत्र है जिस पर नियम के अनुसार सुनवाई होगी।
क्या है Gyanesh Kumar के खिलाफ विपक्ष का रुख
ज्ञानेश कुमार विवाद को लेकर 10 अक्टूबर को कॉकरोच जनता पार्टी की तरफ से प्रदर्शन का ऐलान किया गया था। जंतर मंतर पर होने वाले इस प्रदर्शन को लेकर पुलिस ने सख्ती बरतते हुए अलग-अलग जगह से लोगों को हिरासत में ले लिया। यह पूरी तरह से फ्लॉप साबित हुआ लेकिन राष्ट्रपति से मिलने और ज्ञानेश कुमार को कुर्सी से हटाने के लिए कांग्रेस लगातार मेहनत कर रही है।







