Jharkhand News: देशभर में 80वें स्वतंत्रता दिवस पर धूम है। जगह-जगह कार्यक्रमों को आयोजित किया गया। इसी बीच झारखंड के सीएम हेमंत सोरेन आज रांची के मोरहाबादी मैदान पहुंचे। इसके दौरान उन्होंने स्वाधीनता दिवस के मौके पर राजकीय समारोह में ध्वजारोहण, परेड का निरीक्षण एवं अपने महान राज्य की जनता को संबोधित किया।
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा कि “आज़ादी का मतलब सिर्फ़ राजनीतिक आज़ादी नहीं है। आज़ादी का मतलब है कि हर बच्चे को अच्छी शिक्षा मिले, हर युवा को सम्मानजनक रोज़गार का मौका मिले, हर किसान खुशहाल हो और हर महिला आत्मनिर्भर बने”।
80वें स्वतंत्रता दिवस के मौके पर क्या बोले हेमंत सोरेन
हेमंत सोरेन ने जनता को संबोधित करते हुए कहा कि “आज़ादी का मतलब सिर्फ़ राजनीतिक आज़ादी नहीं है। आज़ादी का मतलब है कि हर बच्चे को अच्छी शिक्षा मिले, हर युवा को सम्मानजनक रोज़गार का मौका मिले, हर किसान खुशहाल हो और हर महिला आत्मनिर्भर बने।
VIDEO | Ranchi: Addressing at 80th Independence Day event, Jharkhand CM Hemant Soren (@HemantSorenJMM) says, “Freedom does not mean merely political independence. Freedom means that every child receives a good education, every young person gets an opportunity for dignified… pic.twitter.com/xSU3i0dKBB
— Press Trust of India (@PTI_News) August 15, 2026
इसका मतलब है कि झारखंड का हर व्यक्ति अपनी भाषा, संस्कृति और परंपराओं पर गर्व के साथ आगे बढ़े, और सभी को समान अवसरों, समान सम्मान और न्याय के साथ जीने का अधिकार मिले”।
भर्ती प्रक्रिया पर क्या बोले झारखंड के मुख्यमंत्री
मुख्यमंत्री सोरेन ने लोगों को संबोधित करते हुए आगे कहा कि “आज, इस ऐतिहासिक मौके पर, मैं आपसे सीधे बात करना चाहता हूँ। झारखंड में लाखों युवा आज अपने सपनों को पूरा करने के लिए दिन-रात मेहनत कर रहे हैं। उनके माता-पिता अपनी क्षमता से बढ़कर उन्हें पढ़ा-लिखा रहे हैं।
Ranchi, Jharkhand: CM Hemant Soren says, “…Today, on this historic occasion, I want to communicate directly with you. Lakhs of youth in Jharkhand are working day and night to fulfill their dreams today. Their parents are educating them beyond their capacities. Therefore, it is… pic.twitter.com/WRxQKmqD2o
— IANS (@ians_india) August 15, 2026
इसलिए, यह हमारी सबसे बड़ी ज़िम्मेदारी है कि हम यह पक्का करें कि उनकी मेहनत का सम्मान हो और उनकी प्रतिभा के साथ न्याय हो। मैं जानता हूँ कि हाल ही में भर्ती परीक्षाओं को लेकर कई सवाल उठाए गए हैं। जब सिस्टम को लेकर युवाओं के मन में शक पैदा होता है, तो इसका असर सिर्फ़ एक परीक्षा पर नहीं, बल्कि पूरी पीढ़ी के विकास पर पड़ता है”।







