Jharkhand News: हजरत कुतुबुद्दीन रिसालदार बाबा की मजार का झारखंड में अपना एक अलग स्थान और महत्व है। वहीं इस सबके बीच सीएम हेमंत सोरेन ने चादरपोशी की है। इसकी झलक सोशल मीडिया पर दिखाते हुए उन्होंने बताया कि झारखंड की सुख समृद्धि अमन और खुशहाली के लिए उन्होंने दुआएं मांगी है। आइए जानते हैं झारखंड न्यूज़ में कि आखिर सीएम हेमंत सोरेन ने क्या कहा है और क्यों हजरत कुतुबुद्दीन रिसालदार बाबा की मजार पर जाना उनके राज्य के लोगों के लिए भी हितकारी है। हर मौके पर वह जनता के बारे में सबसे पहले सोचते हैं।
Jharkhand News में जानें क्या बोले सीएम हेमंत सोरेन
आज रांची में हजरत कुतुबुद्दीन रिसालदार बाबा की मजार पर आयोजित 219वें उर्स में शामिल होकर चादरपोशी की एवं राज्यवासियों की सुख-समृद्धि, अमन-चैन और खुशहाली के लिए दुआ मांगी।
हजरत कुतुबुद्दीन रिसालदार बाबा की शिक्षाएं हमें प्रेम, भाईचारे, इंसानियत और आपसी सौहार्द का संदेश देती हैं।… pic.twitter.com/wXLmhBM4Cg
— Hemant Soren (@HemantSorenJMM) August 30, 2026
कई तस्वीरों को शेयर करते हुए सीएम हेमंत सोरेन ने लिखा, “आज रांची में हजरत कुतुबुद्दीन रिसालदार बाबा की मजार पर आयोजित 219वें उर्स में शामिल होकर चादरपोशी की एवं राज्यवासियों की सुख-समृद्धि, अमन-चैन और खुशहाली के लिए दुआ मांगी। हजरत कुतुबुद्दीन रिसालदार बाबा की शिक्षाएं हमें प्रेम, भाईचारे, इंसानियत और आपसी सौहार्द का संदेश देती हैं। उर्स के मुबारक मौके पर सभी को दिली मुबारकबाद।” जहां श्रद्धालुओं के साथ मुख्यमंत्री दुआएं मांगने के लिए पहुंचे हैं।
क्यों खास है हजरत कुतुबुद्दीन रिसालदार बाबा की मजार
इस पवित्र अवसर पर सीएम सोरेन ने पारंपरिक रीति-रिवाजों के अनुसार मजार पर श्रद्धा की चादरपोशी की। सिर पर मजार पर चढ़ाई जाने वाली पवित्र चादर और साफा बांधे मुस्कुराते हुए नजर आ रहे हैं। उनके गले में फूलों की माला है और वे वहां मौजूद लोगों के साथ समारोह में शिरकत करते हुए नजर आ रहे हैं। बता दें कि हजरत कुतुबुद्दीन रिसालदार बाबा की दरगाह झारखंड के प्रमुख और प्रतिष्ठित सूफी स्थलों में से एक है। यहां हर साल आयोजित होने वाला उर्स गंगा-जमुनी तहजीब और सांप्रदायिक सौहार्द का प्रतीक माना जाता है। खास चीज यह है कि उर्स के दौरान केवल मुस्लिम समुदाय ही नहीं बल्कि विभिन्न धर्मों और वर्गों के लोग बड़ी संख्या में बाबा के दरबार में मन्नत मांगने और मत्था टेकने आते हैं।







