Jharkhand News: झारखंड में अंतरराष्ट्रीय सहयोग और विकास की संभावनाओं को लेकर बुधवार को मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से ऑस्ट्रेलिया के काउंसलेट-जनरल बर्नार्ड लिंच ने मुलाकात की। रांची में हुई इस बैठक के दौरान दोनों पक्षों के बीच झारखंड और ऑस्ट्रेलिया के बीच सहयोग की संभावनाओं पर चर्चा हुई।
साथ ही कई मुद्दों पर चर्चा हुई। इसकी जानकारी खुद मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन सरकार ने अपने एक्स हैंडल के माध्यम से दी है। चलिए आपको बताते है इससे जुड़ी सभी अहम जानकारी।
ऑस्ट्रेलियन काउंसलेट-जनरल बर्नार्ड लिंच से मिले हेमंत सोरेन
सीएम हेमंत सोरेन सरकार ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफार्म एक्स पर जानकारी देते हुए लिखा कि “रांची में कोलकाता स्थित ऑस्ट्रेलियाई कॉन्सल-जनरल श्री बर्नार्ड लिंच से मिलकर और झारखंड तथा ऑस्ट्रेलिया के बीच साझेदारी को और मजबूत करने के लिए सार्थक बातचीत करके बहुत खुशी हुई।
हमारी बातचीत में आपसी हित और सहयोग की बड़ी संभावनाओं वाले कई क्षेत्रों पर चर्चा हुई, जिनमें कौशल और तकनीकी शिक्षा, टेक्नोलॉजी और इनोवेशन, खनिज, खेल, पर्यटन और हमारे दोनों क्षेत्रों की समृद्ध आदिवासी संस्कृतियां और ज्ञान प्रणालियां शामिल हैं।
It was a pleasure to meet Mr Bernard Lynch, Australian Consul-General in Kolkata, in Ranchi and engage in a constructive dialogue on deepening the partnership between Jharkhand and Australia.
Our discussions covered areas of mutual interest and significant potential for… pic.twitter.com/GiM6wAAGio
— Hemant Soren (@HemantSorenJMM) September 16, 2026
प्राकृतिक संसाधनों, मानव पूंजी और आदिवासी विरासत के मामले में झारखंड की खूबियां, ऑस्ट्रेलिया की विशेषज्ञता, संस्थानों और उद्योग के साथ सार्थक सहयोग के कई अवसर प्रदान करती हैं। हम इस बातचीत को आगे बढ़ाने और आने वाले समय में झारखंड-ऑस्ट्रेलिया के बीच एक मजबूत, स्थायी और आपसी लाभ वाली साझेदारी को और आगे ले जाने के लिए उत्सुक हैं”।
टेक्नोलॉजी और डिजिटल विकास पर चर्चा
बैठक में टेक्नोलॉजी और डिजिटल क्षेत्र में सहयोग की संभावनाएं भी चर्चा का हिस्सा रहीं। झारखंड सरकार राज्य में एआई, डिजिटल गवर्नेंस और आधुनिक तकनीकों के इस्तेमाल को बढ़ावा देने की दिशा में काम कर रही है।
जुलाई में आयोजित राष्ट्रीय स्टेकहोल्डर्स कंसल्टेशन के दौरान राज्य सरकार ने आईटी, एआई डिजिटल गवर्नेंस, क्लाउड तकनीक और भविष्य के लिए कुशल मानव संसाधन विकसित करने के लिए वैश्विक कंपनियों के साथ साझेदारी की संभावनाओं पर चर्चा की थी।







