Jharkhand News: झारखंड में जेपीएससी-जेएसएससी समेत विभिन्न भर्ती परीक्षाओं को लेकर छात्रों का आंदोलन लगातार चर्चा में है। 10 अगस्त को रांची में विधानसभा घेराव के दौरान हुए घटनाक्रम के बाद अब जिला प्रशासन ने आंदोलन में शामिल होने के लिए दूसरे जिलों से राजधानी पहुंचे छात्रों की सुरक्षित घर वापसी के लिए विशेष पहल की है। बता दें कि रांची के जिला-अधिकारी ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफार्म एक्स पर इसकी जानकारी दी है। बता दें कि हेमंत सोरेन सरकार की ये खास पहल मानी जा रही है।
रांची के जिला अधिकारी ने दिए खास दिशा-निर्देश
डीसी रांची मंजूनाथ भजंत्री ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफार्म एक्स पर जानकारी देते हुए लिखा कि “आंदोलन में शामिल होने के बाद आसपास के विभिन्न जिलों से आए छात्रों की सुरक्षित वापसी को लेकर जिला प्रशासन, रांची द्वारा मानवीय संवेदनशीलता के साथ विशेष पहल की गई है। अपने-अपने जिलों को लौटने वाले छात्रों को किसी प्रकार की असुविधा न हो, इसके लिए जिला प्रशासन द्वारा आवश्यकतानुसार परिवहन की व्यवस्था की गई है।
आंदोलन में शामिल होने के बाद आसपास के विभिन्न जिलों से आए छात्रों की सुरक्षित वापसी को लेकर जिला प्रशासन, रांची द्वारा मानवीय संवेदनशीलता के साथ विशेष पहल की गई है। अपने-अपने जिलों को लौटने वाले छात्रों को किसी प्रकार की असुविधा न हो, इसके लिए जिला प्रशासन द्वारा आवश्यकतानुसार…
— DC Ranchi (@DC_Ranchi) August 11, 2026
प्रशासन का उद्देश्य है कि बाहर से आए कोई भी छात्र अकेला, असहाय अथवा परेशान होकर अपने घर लौटने के लिए भटकने को मजबूर न हो। रामगढ़, हजारीबाग, धनबाद एवं गिरिडीह के लिए बस नंबर के साथ ड्राइवर के मोबाइल नंबर जारी किए गए हैं”।
आंदोलन के बीच हेमंत सोरेन ने दी प्रतिक्रिया
बता दें कि आज विधानसभा में बोलते हुए हेमंत सोरेन ने कहा कि “परजीवी भाजपा ने कल भी युवाओं के आंदोलन को अपना राजनीतिक मंच बनाने की कोशिश की।
परजीवी भाजपा ने कल भी युवाओं के आंदोलन को अपना राजनीतिक मंच बनाने की कोशिश की।
छात्रों की बात…छात्रों के साथ होगी और झारखंड के मेरे युवा साथियों को न्याय मिलकर रहेगा। pic.twitter.com/EnrMekjfNG
— Hemant Soren (@HemantSorenJMM) August 11, 2026
छात्रों की बात, छात्रों के साथ होगी और झारखंड के मेरे युवा साथियों को न्याय मिलकर रहेगा”। गौरतलब है कि बीते दिन हुए विरोध प्रदर्शन के बाद इस पूरे घटनाक्रम में सरकार और जिला प्रशासन के सामने दोहरी चुनौती है। एक तरफ छात्रों की भर्ती परीक्षाओं से जुड़ी मांगों और उनके आंदोलन को संभालना है, वहीं दूसरी तरफ राजधानी में कानून-व्यवस्था बनाए रखना भी जरूरी है।







