CM Mohan Yadav: मध्य प्रदेश में उद्यम जगत को नई ऊंचाई देने की सार्थक कोशिश जारी है। इस क्रम में उद्योग के अनुकूल तमाम नई नीतियां बनाई जा चुकी हैं। सीएम मोहन यादव खुद एक-एक पहलुओं की समीक्षा करते नजर आते हैं। इसी कड़ी में सूबे की राजधानी भोपाल में उद्यम जगत से जुड़ा एक कार्यक्रम आयोजित हुआ।
इस कार्यक्रम में सीएम मोहन यादव ने 250 से अधिक MSME इकाइयों और 286 स्टार्टअप्स को प्रोत्साहन राशि सौंपते हुए इन्हें बढ़ावा देने का काम किया है। इससे रोजगार के नए अवसरों का सृजन होगा और मध्य प्रदेश की अर्थव्यवस्था मजबूत होगी। साथ ही उद्योग जगत नई ऊंचाइयों पर पहुंच सकेगा और युवाओं के लिए अवसरों के द्वार खुलेंगे।
एमपी CM Mohan Yadav ने हस्तांतरित की करोड़ों की प्रोत्साहन राशि!
मुख्यमंत्री मोहन यादव ने भोपाल की धरती से करोड़ों की प्रोत्साहन राशि हस्तांतरित करते हुए उद्यम जगत को नऊ ऊंचाई देने की कोशिश की है।
उद्यम, नवाचार और विकास की ओर एक सशक्त कदम
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मुख्यमंत्री निवास, भोपाल में आयोजित कार्यक्रम में 250 से अधिक MSME इकाइयों को ₹169.50 करोड़ की प्रोत्साहन राशि सिंगल क्लिक के माध्यम से अंतरित की, साथ ही 286 स्टार्टअप्स को प्रोत्साहित करते हुए लगभग ₹28.60… pic.twitter.com/rD4Y3moVks
— Chief Minister, MP (@CMMadhyaPradesh) March 30, 2026
भोपाल में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान सीएम मोहन यादव ने सिंगल क्लिक के माध्यम से 250 से अधिक MSME इकाइयों को तोहफा दिया है। इस दौरान 169.50 करोड़ रुपए की प्रोत्साहन राशि लाभार्थियों को हस्तांतरित की गई है। इसके अलावा मध्य प्रदेश सरकार ने 286 स्टार्टअप्स को प्रोत्साहित करते हुए लगभग 28.60 लाख की अनुदान राशि दी है।
सीएम मोहन यादव ने इस दौरान उद्यमियों को औद्योगिक भूमि के आवंटन आदेश और आशय पत्र भी वितरित किए हैं। इसके साथ ही शासन द्वारा उद्यम क्रांति योजना के अंतर्गत हितग्राहियों को राशि के चेक प्रदान किए गए हैं। वहीं लघु उद्योग निगम की ओर से 8 करोड़ की अंतरिम लाभांश राशि का चेक भी भेंट किया है। ये दर्शाता है कि कैसे सीएम मोहन यादव द्वारा उद्योग जगत को ऊंचाई देने का प्रयास जारी है।
उद्यम जगत को मिला जबरदस्त फायदा!
मोहन यादव के नेतृत्व वाली सरकार की पहल से मध्य प्रदेश के उद्यम जगत को जबरदस्त फायदा मिला है। इससे सूबे में एमएसएमई इकाइयों के साथ स्टार्टअप्स को भी बढ़ावा मिलने की संभावना है। ऐसी स्थिति में रोजगार के नए अवसरों का सृजन होगा। इससे हजारों की संख्या में युवा लाभान्वित होकर योग्यता के अनुसार नौकरी हासिल कर सकेंगे। साथ ही अर्थव्यवस्था को गति मिलेगी और अवसरों के तमाम द्वार खुलेंगे।






