CM Mohan Yadav: मध्य प्रदेश में पारंपरिक उद्योगों को नई पहचान देने और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने की दिशा में राज्य सरकार लगातार कदम उठा रही है। मुख्यमंत्री CM Mohan Yadav के नेतृत्व में हथकरघा, खादी, रेशम और ग्रामीण आधारित उत्पादन गतिविधियों को बढ़ावा देने पर विशेष फोकस किया जा रहा है।
जिसका असर भी देखने को मिल रहा है। गौरतलब है कि राज्य में लंबे समय से हथकरघा और खादी से जुड़े हजारों परिवार अपनी आजीविका चलाते रहे हैं। जिसके देखते हुए सरकार लगातार जरूरी कदम उठा रही है।
CM Mohan Yadav के प्रयासों का दिखा असर
राज्य में लंबे समय से हथकरघा और खादी से जुड़े हजारों परिवार अपनी आजीविका चलाते रहे हैं। जिसके देखते हुए सरकार लगातार जरूरी कदम उठा रही है। इसी बीच CM Mohan Yadav ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफार्म एक्स पर लिखा कि कुटीर और ग्रामोद्योग से सशक्त बनता ‘मध्यप्रदेश, प्रदेश में हथकरघा क्लस्टर का विस्तार, खादी उत्पादन को बढ़ावा देना है।
कुटीर और ग्रामोद्योग से सशक्त बनता ‘मध्यप्रदेश’
✳️प्रदेश में हथकरघा क्लस्टर का विस्तार
✳️खादी उत्पादन को बढ़ावा @DrMohanYadav51 @mp_rural #CMMadhyaPradesh #MadhyaPradesh pic.twitter.com/SHSPwQnNUi— Chief Minister, MP (@CMMadhyaPradesh) May 27, 2026
हथकरघा कलस्टर की विस्तार – महेश्वरी-चंदेरी की तरह अन्य जिलों में विकसित होंगे नए हथकरघा कलस्टर, पुराने कॉटन मिल और पारंपरिक बुनाई वाले क्षेत्रों को जोड़कर होगा खादी उत्पादन शामिल है।
कुटीर और ग्रामोद्योग से सशक्त बनता मध्यप्रदेश
महिला सशक्तिकरण पर जोर – लूम और चरखा प्रदाय योजना विभागों के साथ जोड़कर बनेगी रोजगारपरक, रेशम उत्पादन को लखपति दीदियों से जोड़ने का लक्ष्य, ब्रांड आउटलेट का विस्तार, मृगनयनी, कबीरा और विध्यावेली जैसे ब्रांड का अब फ्रेंचाइजी मॉडल पर विस्तार, प्रमुख पर्यटन स्थलों पर स्थापित होंगे आउटलेट।
✳️महिला सशक्तिकरण पर जोर pic.twitter.com/yNlsWSyYDN
— Chief Minister, MP (@CMMadhyaPradesh) May 27, 2026
गांव-गांव में उद्योग हर हाथ को रोजगार – रेशम और सिल्क टेक पार्क का विस्तार, ग्वालियर, जबलपुर, उज्जैन में खुलेंगे “प्राकृत” रेशम शोरूम, पचमढ़ी के सिल्क टेक पार्क की तर्ज पर रातापानी, अमरकंटक में संभावनाएं। ग्रामोद्योग इकाइयों को MSME से जोड़ना, ग्रामोद्योग इकाइयों की स्थापना के लिए उद्यम क्रांति योजना के तहत लक्ष्य, आवंटन शामिल है।






